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Aligarh News: वीसी से मिलने पहुंचीं सुमैया को गेट पर रोका, बैरंग लौटीं

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एएमयू डक पॉन्ड पर प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं। - फोटो : samvad
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एएमयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को कुलपति से मिलने पहुंचीं सपा प्रवक्ता सुमैया राणा को गेट पर रोक दिया गया। वहीं, छात्रों और कुलपति के बीच बैठक बेनतीजा रही।
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छात्रसंघ चुनाव के लिए 15 दिन से निलंबित छात्र यासिर फहद डक पॉन्ड पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। धरने को समर्थन देने पहुंचीं सुमैया कुलपति प्रो. नईमा खातून से मिलने उनके कार्यालय आ रही थीं, तभी उनके वाहनों को बाब-ए-सैयद पर रोक दिया गया। यहां से वह पैदल कुलपति कार्यालय आईं, लेकिन गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।

इस दौरान उनकी सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। सुरक्षाकर्मियों ने उनसे कहा कि अगर उनके पास कुलपति से मिलने का कोई अनुमति पत्र या अप्वाइंटमेंट हों, तो बताएं। अगर नहीं है तो उन्हें वापस जाना पड़ेगा। कुछ देर तक इंतजार करने के बाद वह वापस लौट गईं। सुमैया ने कहा कि यासिर की हालत लगातार बिगड़ रही है। इसके बावजूद कुलपति उनसे मिलने नहीं पहुंचीं।
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सुमैया के साथ सपा महिला सभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह आदि मौजूद रहे। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि सुमैया के पास कुलपति से मिलने के लिए कोई अप्वाइंटमेंट नहीं था, इसलिए उन्हें मिलने से रोका गया।

पहले प्रॉक्टर का इस्तीफा, फिर छात्रसंघ चुनाव पर होगी बात
कुलपति से मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्रों ने कहा कि पहले प्रॉक्टर का इस्तीफा होना चाहिए, उसके बाद ही छात्रसंघ चुनाव पर बात की जाएगी। छात्रों ने कहा कि उन्होंने कुलपति के समक्ष पुरजोर तरीके से बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले प्रॉक्टर का इस्तीफा होना चाहिए। फिर अन्य मांगाें पर बातें की जाएंगी।



छात्रों और कुलपति के बीच बैठक में नहीं निकला रास्ता

छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. नईमा खातून से उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी चिंताएं रखीं और अधिकारियों ने छात्रों के साथ चर्चा की। दोनों तरफ से अपनी-अपनी बातें रखी गईं, लेकिन बैठक में कोई रास्ता नहीं निकला। बैठक में सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एम. अतहर अंसारी आदि मौजूद रहे।




आठ साल से नहीं हुए छात्रसंघ चुनाव
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने लंबे समय से चुनाव नहीं होने पर नाराजगी जताई। सचिव डॉ. अशरफ मतीन ने कहा कि शिक्षक किसी नए अधिकार या सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि यूनिवर्सिटी के एक्ट में पहले से दर्ज निर्वाचित प्रतिनिधित्व की व्यवस्था बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव नहीं कराए गए तो शिक्षक विभाग-दर-विभाग अपने साथियों से संपर्क करेंगे और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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