23 मई की रात नगला हर्जी के ठेके से खरीदकर सुल्तान ने शराब पी। इसके बाद रास्ते में मिले गांव जमनपुर निवासी योगेश पुत्र अमर सिंह और गोकुल पुत्र राजाराम को देखते ही गालियां देने लगा। इस पर उक्त दोनों ने डंडों से सुल्तान को पीटा। इस दौरान उसके सिर पर भी चोट लग गई जिससे मौत हो गई।
23 मई को गांव नगला हर्जी में मक्का के खेत में मिले जमनपुर निवासी सुल्तान की हत्या की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार शराब पीने के बाद गाली देने पर दोनों आरोपियों ने सुल्तान की हत्या करने की बात स्वीकार की है। 27 मई को न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी रीतेश कुमार के अनुसार 23 मई की रात नगला हर्जी के ठेके से खरीदकर सुल्तान ने शराब पी। इसके बाद रास्ते में मिले गांव जमनपुर निवासी योगेश पुत्र अमर सिंह और गोकुल पुत्र राजाराम को देखते ही गालियां देने लगा। इस पर उक्त दोनों ने डंडों से सुल्तान को पीटा। इस दौरान उसके सिर पर भी चोट लग गई जिससे मौत हो गई।
इसके बाद दोनों ने उसके शव को पास ही एक मक्का के खेत में ले जाकर छिपा दिया। घटना के दूसरे दिन सुल्तान का शव खेत से बरामद हुआ था। जांच में योगेश और गोकुल का नाम सामने आने पर पुलिस ने हिरासत में लेकर दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
उनकी निशानदेही पर गांव के तालाब से हत्या में प्रयुक्त दो डंडे भी पुलिस बरामद कर लिए। कोतवाली पुलिस के अनुसार सुल्तान साइकिल की चोरी के आरोप में जेल जा चुका था। वह शराब पीकर आए दिन गांव वालों के साथ गाली-गलौज करता था।