फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: होली से पहले गन्ने के रस से किसानों पर बरसा रुपया

Thu, 12 Feb 2026 02:21 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
होली से पहले गन्ना के रस से जिले के 10117 किसानों पर रुपया बरसा है। प्रदेश सरकार ने बजट में 30 रुपया प्रति क्विंटल दाम बढ़ाया है, जिससे 400 की जगह अब 430 रुपया प्रति क्विंटल किसानों के खाते में पहुंचेंगे।
विज्ञापन

जिले में प्रमुख रूप से बरौली, जवां, अकराबाद, चंडौस, पिसावा, खैर, इगलास, दादों क्षेत्र में गन्ना की पैदावार होती है। इसके साथ ही अन्य हिस्सों में भी किसान गन्ना पैदा करते हैं। गन्ना का उत्पादन बढ़ने के साथ ही दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड साथा की स्थापना हुई, जिसमें वर्ष 1976-77 में पहला पेराई सत्र शुरू हुआ। शुरुआत में इसकी क्षमता 1250 टीडीएस थी।
जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि 6700 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना का उत्पादन होता है। अभी जिले का गन्ना बुलंदशहर की साबितगढ़ और कासगंज की न्यौली चीनी मिल को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन


छाता पर मेहरबानी, साथा पर साधी चुप्पी
जिले की एकमात्र सहकारी चीनी मिल पर प्रदेश सरकार ने बजट में चुप्पी साध ली, जबकि पड़ोसी जनपद मथुरा की छाता चीनी मिल पर खूब उदारता दिखाई। छाता चीनी मिल को डिस्टलरी लॉजिस्टिक और हब के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 19 फरवरी 2022 से बंद साथा चीनी मिल को नए सिरे से शुरू कराने की खैर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। तब से हर साल प्रदेश के बजट में किसान साथा चीनी मिल शुरू होने की उम्मीद लगाए रहते हैं, लेकिन जिन माननीयों की जिम्मेदारी है, उनकी खामोशी ही गन्ना किसानों के अरमानों हर बार पानी फेर रही है। साथा चीनी मिल संघर्ष मोर्चा के सदस्य डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण जिले के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद बजट में गन्ना किसानों के हाथ मायूसी आई है।

100 रुपये बढ़ने की उम्मीद संजोए थे
फरीदपुर जवां के किसान हरवंश गौड़ और उमेश पचौरी का कहना है कि गन्ना की फसल में लागत की अपेक्षा सरकार ने प्रति क्विंटल का भाव कम बढ़ाया है। प्रति बीघा में करीब 15 हजार रुपये की लागत आती है। प्रति बीघा 60 क्विंटल गन्ना का उत्पादन होता है। 100 रुपये प्रति क्विंटल का भाव बढ़ता तब गन्ना किसानों को वास्तविक लाभ मिलता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें