कौड़ियागंज में पिछले एक सप्ताह से अजीब किस्म का अग्निकांड लोगों को भयाक्रांत किए हुए है। दहशत का आलम यह है कि लोग पलायन को तैयार हैं। बताया जा रहा है कि एक घर में आग हर दो घंटे में खुद ब खुद लगती है और खुद ही बुझ जाती है। इसके चलते अब तक परिवार का भारी नुकसान हो चुका है। बृहस्पतिवार को एसएसपी राजेश पांडेय खुद फॉरेंसिक टीम के साथ कस्बे में उस घर पर पहुंचे और वहां उन्होंने जांच पड़ताल करते हुए दो दर्जन सैंपल लिए। इन सैंपलों की जांच के बाद ही साफ होगा कि आग किन कारणों से लग रही है। मगर इतना जरूर स्पष्ट है कि या तो यह किसी की शरारत है, या फिर कोई ऐसा ज्वलनशील पदार्थ गलती से घर में आया है, जिसकी वजह से आग लग रही है।
कस्बे के मोहल्ला किला निवासी अकील पुत्र बुंदू खां के घर शनिवार दोपहर तीसरी मंजिल पर कमरे में रखे बक्से, आटे व चावल में अचानक आग लग गई, जिससे परिजनों में भगदड़ मच गई। आनन-फानन में आग पर काबू पाया गया, जिसमें अकील के बक्से में रखे कपड़े जलकर खाक हो गए। इसके बाद रविवार को निचली मंजिल पर रखे कपड़ों में अचानक आग लग गई। परिजनों ने बड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया। अब यहां से आग लगने का सिलसिला शुरू हुआ। आग हर दो घंटे बाद कभी आटे में तो कभी कपड़ों में लगना शुरू हो गई। अकील ने तंग आकर घर के सभी कपड़े एक पोटली में बांधकर अपने पड़ोसी फैजान, सोनू, साहिल बबलू व राजू पुत्रगण याद मोहम्मद के घर रख दिए।
थोड़ी देर बाद वहां भी उन कपड़ों में आग लग गई। जो भी सुनता, आग लगने का कारण जानने के लिए चला आता। इस बीच अकील ने तांत्रिकों को भी बुलाया, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला। गांव के कुछ साहसी युवक भी आगे आए, मगर आग देखकर वह भी पीछे हट गए।
दो दिन पहले कस्बे के लोगों की डीएम व एसएसपी ने शांति समिति की बैठक बुलाई थी, जहां कस्बे के चेयरमैन ने यह बात रखी। इस पर पहले तय हुआ कि लेखपाल भेजकर हर्जाना बनवा दिया जाएगा। बुधवार को जब लेखपाल वहां गया तो वह भी आग देखकर भाग आया। जब यह बात एसएसपी राजेश पांडेय को बताई तो उन्होंने स्वयं मामले की पड़ताल करने का निर्णय लिया। बृहस्पतिवार को वे फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ.एसके मौर्या व टीम के साथ गांव पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी की। इस दौरान टीम ने करीब 25 सैंपल लिए हैं। जिनकी जांच कर शुक्रवार तक तय किया जाएगा कि आग किस वजह से लग रही है।
एसएसपी ने रास्ते से लौटाई टीम
दोपहर में जब टीम के साथ एसएसपी गए तो उस समय आग नहीं लगी पर वह जैसे ही कस्बे से बाहर निकले तो फिर उस घर में आग लग गई। इस सूचना पर उन्होंने टीम को वापस भेजा और फिर से सैंपल एकत्रित कराए।
भुखमरी के कगार पर परिवार
अकराबाद। कस्बा कौडियागंज का अग्निकांड पीड़ित परिवार का सारा सामान जल चुका है। इससे वे भुखमरी के कगार पर हैं। आग से कपडे़, बर्तन के अलावा रजाई-गद्दे आदि सामान एक-एक कर जलता जा रहा है।
खड़ा किया स्थायी फायर टैंकर
अकराबाद। लगातार आग लगने के कारण अब इस घर के बाहर एक टैंकर खड़ा कर दिया गया है, जो आग लगने पर एक्टिव हो जाता है। तत्काल आग पर काबू पाया जाता है।
-आग लगने के बाद से तरह-तरह की भ्रांतियां व चर्चाएं हैं। लोग दहशत में हैं। मगर मौका देखने से लगता है कि यह शरारत कर भी हो सकती है। यह भी हो सकता है कि घर में सोडियम फॉस्फेट जैसा कोई ज्वलनशील पदार्थ अनजाने में पहुंच गया है, जो कपड़ों में किसी तरह मिल गया है। सभी जले अवशेषों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी जांच स्थानीय स्तर पर कराई जा रही है। जरूरत हुई तो ये सैंपल आगरा या लखनऊ भी भेजे जाएंगे।
-राजेश पांडेय, एसएसपी
-जली वस्तुओं के अवशेष व हर ज्वलनशील पदार्थ के नमूने लिए गए हैं। जरूरत हुई तो कुछ दिन के लिए इस घर को खाली करना पड़ सकता है। यह बात चेयरमैन को बता दी गई है। इसके बाद जांच ज्यादा बेहतर ढंग से हो पाएगी।
-डॉ.एसके मौर्या, फॉरेंसिक एक्सपर्ट