अलीगढ़। नगर निगम के जवाहर भवन के सभागार में सोमवार को पार्षदों के विशेष अधिवेशन के दौरान जो हुआ वह संभवत: अब तक कभी नहीं हुआ। अधिवेशन के दौरान अपने क्षेत्र की समस्याओं का समाधान न होने के विरोध में वार्ड संख्या 8 कीपार्षद हेमलता के पति गवर्नर सिंह लोधी हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल लेकर सदन में पहुंच गए और अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। लेकिन मनीष बूल, ठा. पुष्पेंद्र जादौन व अन्य पार्षदों के हस्तक्षेप और महापौर के दखल के बाद उन्हें किसी तरह रोका जा सका। इसे सुरक्षा में चूक के तौर पर भी देखा गया।
इससे पूर्व बेहद हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2015-16 का पुनरीक्षित बजट पास हुआ। इसमें अनुमानित प्रस्तावित आय के लिए 289 करोड़, 87 लाख, 68 हजार रुपये का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अनुमानित व्यय 281 करोड़, 98 लाख, 23 हजार 500 रुपये दर्शाया गया है। इसके बाद 31 मार्च 2016 को अनुमानित अंतिम अवशेष के रूप में 48 करोड़, 86 लाख, 45 हजार 888 रुपये की धनराशि दर्शाई गई है।
अधिवेशन के दौरान ही जन समस्याओं की अनदेखी होने के विरोध में नामित पार्षद बाबा फरीद आजाद ने सदन का बहिष्कार कर दिया। बाद में मुशर्रफ हुसैन महजर, रिजवान मिंटो, अफजाल हमीद, चंद्र प्रकाश चंदू सहित अन्य पार्षद भी वित्तीय अनियमितताओं और कमीशन खोरी के आरोप लगाते हुए सदन के बाहर धरने पर बैठ गए। मौके पर थाना प्रभारी सिविल लाइन सूर्यकांत द्विवेदी भी पहुंचे।
अधिवेशन में स्मार्ट सिटी की कार्य योजना के लिए प्रस्ताव मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने पढ़ा, जिसे सदन ने पास किया । यूं तो यह अधिवेशन बजट और स्मार्ट सिटी के प्रस्तावों पर चर्चा और पारित करने के लिए था, लेकिन इस दौरान पार्षदों ने अपने- अपने क्षेत्र की जन समस्याओं को भी रखा। अधिकारियों की बेरुखी और उदासीनता की बात भी कही।
कई बार ऐसे मौके आए जब पार्षदों के जवाबों का निगम अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को पार्षदों के मान सम्मान के प्रति गंभीर रहने और उनके अधिकारों का सम्मान करने की बात कही। अधिवेशन करीब चार घंटे चला। बाद में महापौर शकुंतला भारती ने धरने पर बैठे पार्षदों को समझा कर शांत किया और भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। मीडिया प्रभारी सभापति यादव, एहसन रब, संजय सक्सेना सहित नगर निगम के सभी अधिकारी मौैजूद थे।