जमीन देखते ही नगर आयुक्त समझ गए कि उन्हें आगे किस तरह इसे जलमुक्त कराते हुए इसे स्मार्ट माॅडल के रूप में विकसित करना है। जल निकासी के लिए छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन से जोड़ा जाएगा। यहां अस्पताल और स्कूल के अलावा खेल परिसर भी स्थापित किए जा सकते हैं।
अलीगढ़ के नौरंगाबाद में निरीक्षण करने पहुंचे नगर निगम आयुक्त उस वक्त हैरान रह गए, जब उन्हें पता चला कि 300 करोड़ रुपये कीमत की 84 बीघा जमीन कईसाल से जलमग्न है। यहां 5 से 6 फीट ऊंची जलकुंभी हैं। यह सुनते ही नगर आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को आदेश दिया, 'पहले यहां का 20 दिन में पानी निकालो। दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम बुलाओ। यहां बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी करो।'
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दरअसल बुधवार को वार्ड नौ और 17 का निरीक्षण करने पहुंचे नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा जब सरकारी भूमि के नजदीक पहुंचे तो लंबी दूरी तक जलकुंभी ही नजर आ रही थीं। उन्हें जब जमीन की माैजूदा कीमत के बारे में पता चला तो उन्हें काफी हैरानी भी हुई। निगम के अधिकारियों का कहना है कि जमीन देखते ही नगर आयुक्त समझ गए कि उन्हें आगे किस तरह इसे जलमुक्त कराते हुए इसे स्मार्ट माॅडल के रूप में विकसित करना है। जल निकासी के लिए छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन से जोड़ा जाएगा। यहां अस्पताल और स्कूल के अलावा खेल परिसर भी स्थापित किए जा सकते हैं।
सड़क का चौड़ीकरण भी होगा
लोगों की मांग सुनने के बाद जीटी रोड से नौरंगाबाद छावनी और आंबेडकर नगर को जोड़ने वाले मार्ग के चौड़ीकरण पर नगर आयुक्त ने पैमाइश कराकर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
नहीं तो कार्रवाई
निर्माणाधीन गली में हो रही देरी और लापरवाही पर नगर आयुक्त ने ठेकेदार को सात दिन का समय देते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।