छेरत स्थित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में शिक्षक के नाम पर सिर्फ प्रिंसिपल हैं। यह सुनकर आप हैरान होंगे लेकिन यह सौ प्रतिशत सही है।
भ्रष्टाचार की शिकायत पर शासन ने प्रदेश भर में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में तैनात संविदा शिक्षकों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया है। शिक्षकों के रिक्त पदों को संविदा के आधार पर भरने के 11 अप्रैल 2018 के आदेश शासनादेश को भी निरस्त कर दिया गया है। अब नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होेगी। इसका असर छेरत स्थित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज पर पड़ा है। यहां संविदा पर तैनात 15 शिक्षकों की छुट्टी हो गई है।
ताजा हालात यह है कि शिक्षक के नाम पर सिर्फ प्रिंसिपल हैं। इसकी वजह से कॉलेज में नया सत्र शुरू नहीं हुआ है। कक्षाएं भी संचालित नहीं हो रही हैं। ज्यादा विलंब होने की स्थिति में दाखिला एवं समय से पाठ्यक्रम पूरा कराना भी चुनौती होगी। कोरोना काल के कारण पहले से ही पठन-पाठन प्रभावित हुआ है। शिक्षक होते तो ऑनलाइन कक्षाएं भी शुरू कराई जा सकती थी। नए शिक्षकों की नियुक्ति एवं कक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति है। हालांकि कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. योगेंद्र सिंह माहुर का कहना है कि नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक सितंबर तक नए शिक्षक मिलने की उम्मीद है।