अलीगढ़। कोरोना वायरस का संक्रमण तोड़ने के लिए लागू लॉकडाउन में अब व्हाटसएप मास्टर बन गया है। मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी के निर्देश पर सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक ने इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से बेसिक शिक्षा के विद्यालयों के विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू करा दी है। इसमें छात्र छात्राओं के ग्रुप बना कर उनको पढ़ाया जा रहा है। जिसके लिए दीक्षा एप, आओ अंग्रेजी सीखे कार्यक्त्रस्म, क्यूआर कोड आदि की सहायता ली जा रही है।
सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ पूरन सिंह ने बताया है कि मंडल भर में 174 शिक्षकों द्वारा लगभग 3150 छात्र छात्राओं को व्हाट्सअप के माध्यम से शैक्षिक सपोर्ट दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी खासा संतोष मिला है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक विषयवार टू वे कम्युनिकेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को लाभाविन्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय स्तर पर शिक्षकों द्वारा जिन छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के पास स्मार्ट फ ोन हैं, उन्हें व्हाट्सअप ग्रुप से जोड़कर पढ़ाया जा रहा है। ग्रुप में ही विद्यार्थियों को होम वर्क दिया जाता है। उसको जांचा जाता है और त्रुटियों को दूर कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाता है।
गुरुजी यू-ट्यूब पर पढ़ाएंगे अंग्रेजी
कोरोना वायरस के चलते सभी लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। विद्यार्थियों का शैक्षिक कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कक्षाओं के अलावा विभिन्न स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी अध्ययन में परेशानी आ रही है। इसको लेकर आगरा रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर में अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष और एकेडमिक कोऑर्डिनेटर सुधीर जादौन ने एक पहल की है। उन्होंने फैसला किया है कि कक्षा 10, 11 और 12 के पूरे सिलेबस को पढ़ाते हुए उसका वीडियो यूट्यूब पर डाल देंगे। इन वीडियो को कोई भी विद्यार्थी कहीं भी इस्तेमाल कर सकता है। यह पूरी तरह नि:शुल्क होंगे। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। इसके अलावा वह विद्यार्थियों को इंग्लिश स्पीकिंग और ग्रामर भी नि:शुल्क पढ़ाएंगे, जिससे घर बैठे छात्रों की अंग्रेजी में सुधार हो सके।
सुधीर जादौन ने बताया कि एसीई अब्सॉल्यूट क्लासेस ऑफ इंग्लिश नामक यू-ट्यूब पर चैनल तैयार किया है। वो लगातार इस पर वीडियो डालते रहेंगे। इनको कोई भी कहीं भी एप्रोच कर सकता है। इसके अलावा अगर किसी विद्यार्थी की कोई समस्या है तो वह नीचे कमेंट बॉक्स में जाकर उसको लिख सकता है, जिसका वह ऑनलाइन ही समाधान कर देंगे। इस तरह विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा पैदा नहीं होगी। सुधीर जादौन कहते हैं कि समय और परिस्थिति कोई भी हो कैसी भी हो एक शिक्षक का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों की शिक्षा सुनिश्चित करे।
कहां कितने पढ़ रहे
-अलीगढ़ में 58 शिक्षकों द्वारा 1507 छात्र-छात्राएं
-एटा में 10 शिक्षकों द्वारा 183 छात्र-छात्राएं
-हाथरस में 16 शिक्षकों द्वारा 501 छात्र-छात्राएं
-कासगंज में 90 शिक्षकों द्वारा 959 छात्र-छात्राएं
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