राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा से एक दिन पहले यानी कि पांच अगस्त को अधिकांश परीक्षा केंद्रों के परीक्षार्थियों को दूसरे केंद्रों पर दूर दराज इलाके में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि पहले परीक्षा केंद्र उनके नजदीक थे। परीक्षा केंद्रों के संचालकों की ओर से तर्क के साथ इनकी शिकायतें की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परीक्षा से एक दिन पहले विवि प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं, साथ में तरह - तरह की चर्चाएं भी हैं।
छह अगस्त से सेमेस्टर परीक्षा के लिए जिले में 152 डिग्री कालेजों में से 68 को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। एक सप्ताह पहले तक तो सब कुछ ठीकठाक रहा। पहली सूची में परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई । चार और पांच अगस्त को अचानक अतरौली क्षेत्र में चार वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों को छोड़कर अन्य सभी कें द्रों के परीक्षार्थियों को इधर से उधर शिफ्ट कर दिया गया। जिन चार वित्त विहीन महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्रों में कोई बदलाव नहीं किया है, उन्हीं में सर्वाधिक विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
विवि के इस बदलाव पर वित्त विहीन महाविद्यालय संघ के पदाधिकारियों ने आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि उसे अनसुना कर दिया गया। विवि के अधिकारियों से जानकारी की गई तो उनका यही कहना था कि यह परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति का फैसला रहा है। जिसमें रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी तथा राजकीय डिग्री कालेजों के प्राचार्य शामिल हैं। जबकि समिति के सदस्य कई प्राचार्य को इस बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विवि के कुल सचिव की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है।