मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलीगढ़ आगमन के पहले ही अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर डीएस कॉलेज मैदान-ए-जंग बन गया है।
भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे छात्र नेताओं के साथ पुलिस अधिकारियों ने हाथापाई की और धरना के लिए बनाए गए मंच एवं तिरंगा उठाकर थाने ले गई। कई थानों की पुलिस की मौजूदगी में करीब चार घंटे तक डीएस कॉलेज में हंगामा होता रहा।
छात्रों की पुलिस एवं कॉलेज प्रशासनिक अधिकारियों से जमकर धक्का-मुक्की हुई। छात्रों ने सपा सरकार एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। पुलिस के सख्त तेवर से आक्रोशित छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री के आगमन के दिन धर्मपरिवर्तन का ऐलान कर प्रशासन का टेंशन बढ़ा दिया है।
अलीगढ़ में विश्वविद्यालय की मांग को लेकर गुरुवार से विश्वविद्यालय छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले छात्र नेता भूख हड़ताल एवं धरने पर बैठने वाले थे।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी बुधवार से ही छात्र नेताओं को मनाने का प्रयास कर रहे थे। जब छात्र नेता नहीं माने तो उन्हें हड़काया गया। बावजूद इसके छात्र नहीं माने।
गुरुवार को थाना गांधी पार्क के अधिकारी पहुंचे और धरने के लिए बना मंच, तिरंगा, पर्चे एवं टेंट समेत अन्य सामान उठाकर ट्रक में लादकर ले जाने लगे। छात्रों ने इसका विरोध करते हुए ट्रक के नीचे लेट गए।
इसके बाद करीब चार घंटे तक डीएस कॉलेज में हंगामा चलता रहा। सूचना के बाद गांधीपार्क के अतिरिक्त दूसरे थाने से भी पुलिस फोर्स पहुंच गई। छात्र नेताओं के साथ पुलिस अधिकारियों ने हाथापाई भी की।
छात्र नेताओं एवं प्रॉक्टर डॉ. पीके शर्मा के बीच जमकर नोकझोंक हुई। विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ तो क्लास कर रहे छात्र-छात्राएं भी वहां पहुंच गए और विश्वविद्यालय की मांग कर रहे छात्रों के साथ नारेबाजी करने लगे।
छात्र मुख्यमंत्री एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। छात्र नेताओं का कहना है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा कॉलेज बंद कर छात्र-छात्राओं को बाहर निकाल दिया गया।
छात्र-छात्राओं की संख्या घटने के बाद पुलिस ने अपने तेवर दिखाए तो छात्र नेता नरम पड़ गए। छात्र-छात्राओं से कहीं अधिक संख्या पुलिसकर्मियों की नजर आ रही थी।
छात्र नेता अमित गोस्वामी एवं अर्जुन भोलू सिंह ने बताया कि हमने पुलिस के दबाव में आज अपना धरना स्थगित कर दिया है, लेकिन सीएम के आगमन के दिन धर्म परिवर्तन कर इस्लाम धर्म ग्रहण करेंगे।
राज्य सरकार छात्रों को लेकर गंभीर नहीं है। मुस्लिम बन जाएंगे तो छात्रों को एएमयू में दाखिला मिल जाएगा। छात्र पुलिस अधिकारियों पर गाली-गलौज एवं दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहे हैं।