टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज पढ़ाई करती छात्राएं।
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कोरोना संक्रमण काल में 210 दिन बाद सोमवार को सरकार के निर्देश पर निजी व कान्वेंट स्कूल खुले तो विद्यार्थी काफी खुश नजर आए। पहले दिन यूं तो विद्यार्थियों की संख्या कम थी, लेकिन छात्र-छात्राओं के डर को निकाला गया। हालांकि संत फिदेलिस और ओएलएफ स्कूल परीक्षा के चलते नहीं खुले हैं। अगले हफ्ते से यह स्कूल खुलेंगे।
पहले दिन शहर के स्कूलों में विद्यार्थी पहुंचे तो मास्क, सैनिटाइजेशन और सामाजिक दूरी का पालन कराया गया। कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षक अपने बच्चों से रूबरू हुए। ऑनलाइन आ रही समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही शिक्षकों ने कोरोना विषय को लेकर वार्ता की। बच्चों के मन के अंदर से कोरोना का डर निकाला और सतर्क रहने के लिए कहा। कई स्कूलों में तो सुबह की पाली में ही बच्चे पहुंचे। दूसरी पाली में बच्चों की संख्या नाममात्र थी। यहां बच्चों को जागरूक तो किया ही गया। साथ ही आस पड़ोस के लोगों को जागरूक करने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके बाद बच्चों ने अपनी शंकाओं का समाधान भी कराया। पहला दिन विद्यार्थी, शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के लिए परीक्षण का सबब बना। इस बीच कुछ स्कूलों में सैनिटाइजेशन की मशीनें बोल गईं। ऐसे में आनन-फानन दूसरी मशीन लगाई गईं। साथ ही आपातकाल के लिए अन्य मशीनों के आर्डर भी बाजार में दिए गए।
पहले दिन स्कूल आकर अच्छा लग रहा है। वैसे भी ऑनलाइन पढ़ाई में जो शंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। वह अब स्कूल में दूर हो सकेंगी। हंशिका शर्मा, टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज
- स्कूल में पढ़ाई की बात ही कुछ और है। घर पर ऑनलाइन पढ़ाई सही तरीके से संभव नहीं है। इसीलिए परिजनों ने भी सहमति दी है।
-हिमांशु मिश्रा, नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज