25 जुलाई रात 12 बजे भी हॉस्टल खाली कराने से नाराज छात्रों ने वीसी लॉज का घेराव किया था। इसके बाद 26 जुलाई शाम को गुस्साए छात्रों ने बाब-ए-सैयद (गेट) को बंद कर दिया। साथ ही पास में बाइकें खड़ी करके रास्ता भी रोक दिया। जिससे एमएमयू परिसर में लोगों की आवाजाही बंद हो गई।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पीएचडी छात्रों से हॉस्टल खाली कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब विवि प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। 26 जुलाई को छात्रों ने बाब-ए-सैयद को बंद कर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान करीब सात बजे छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर मगरिब की नमाज भी पढ़ी। देर शाम नौ बजे तक हंगामा जारी था।
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25 जुलाई रात 12 बजे भी हॉस्टल खाली कराने से नाराज छात्रों ने वीसी लॉज का घेराव किया था। इसके बाद 26 जुलाई शाम को गुस्साए छात्रों ने बाब-ए-सैयद (गेट) को बंद कर दिया। साथ ही पास में बाइकें खड़ी करके रास्ता भी रोक दिया। जिससे एमएमयू परिसर में लोगों की आवाजाही बंद हो गई। छात्र नेता शुएब कुरैशी ने कहा कि छात्रों के साथ जुल्म हो रहा है। बाहरी छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकालें, उसका स्वागत है, लेकिन जेआरएफ, एसआरएफ और पीएचडी छात्रों को निकालना गलत है। पीएचडी छात्र नरेंद्र सिंह ने कहा कि एएमयू इंतजामिया से केवल यह चाहते हैं कि जब तक उनकी मौखिक परीक्षा न हो जाए, तब तक उन्हें हॉस्टल में रहने दिया जाए।
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लगाए यह आरोप
पीएचडी छात्र अमजद कमाल ने कहा कि एएमयू प्रशासन गुंडागर्दी कर रही है। हबीब हॉल में छात्रों को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। छात्र नेता आरिफ त्यागी ने आरोप लगाया कि हबीब हॉल में पीएचडी छात्रों के साथ अभद्रता की गई थी।
जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंटस एसोसिएशन भी उतरा छात्रों के समर्थन में
जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंटस एसोसिएशन भी हॉस्टल खाली कराने का विरोध कर छात्रों के समर्थन में उतर आई है। प्रवक्ता जुबैर रेशी ने कहा कि इंतजामिया के फैसले से पीएचडी छात्र प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विवि की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएसडब्ल्यू प्रो. रफीउद्दीन ने बताया कि पीएचडी करने वाले 45 छात्र आए थे। उनसे समस्याओं को लिखित में देने के लिए कहा गया है। थीसिस और मौखिक परीक्षा कब तक पूर्ण हो जाएगी, इस बारे में लिखकर दें, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि गर्मियों की छुट्टियों में हॉस्टल खाली कराने के आदेश कुलपति प्रो. नईमा खातून ने दिए थे, इसके विरोध में पीएचडी छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन किया था। बाद में प्रॉक्टोरियल टीम छात्रों से हॉस्टल खाली कराने लगी। टीम ने एसएस नॉर्थ हॉल के 30 कमरे के ताले तोड़कर सील कर दिए थे।