यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया के कारनामों ने हदें पार कर दी हैं। एक परीक्षार्थी ने जब नकल कराने के नाम पर रुपये नहीं दिए तो प्रबंधक ने उसे परीक्षा नहीं देने दी और जमकर पिटाई की। इससे परेशान होकर इस छात्र ने जहर खा लिया। उसे कासगंज के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
गांव गोसपुर निवासी जस्साराम ने बताया कि उसका बेटा सचिन कुमार इंटरमीडिएट की परीक्षा थाना छर्रा क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र से दे रहा था। उसके बेटे से कॉलेज प्रबंधक ने नकल कराने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे थे। सचिन ने 25 मार्च को परेशान होकर दो हजार रुपये दे दिए। उसके बाद जब वह 30 मार्च को परीक्षा देने गया तो प्रबंधक ने और रुपये मांगे।
इस पर जब सचिन रुपये नहीं दे पाया तोे प्रबंधक ने लाठी-डंडों से उसे बुरी तरह मारा-पीटा और कापी वापस लेकर वहां से भगा दिया। इससे परेशान होकर घर आकर सचिन ने 30 मार्च को जहर खा लिया। इसके बाद उसे कासगंज के एक अस्पताल में दाखिल क राया गया है। अभी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
उसके पिता ने प्रबंधक के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है।
इधर, एसडीएम अतरौली शिव कुमार का कहना है कि कि अगर उन्हें लिखित में शिकायत मिलेगी है तो वह परीक्षा केंद्र प्रबंधक के विरुद्ध जांच करा कार्रवाई कराएंगे।