शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण, स्कूलों में भेदभावमुक्त माहौल बनाने और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। विद्यार्थियों को संविधान के मूल्यों, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के साथ बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को दीवानी न्यायालय स्थित पुस्तकालय सभागार में शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यालयों में सुरक्षित और भेदभावमुक्त वातावरण बनाने के साथ जरूरतमंदों तक निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव साक्षी गर्ग ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में समानता, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करें। स्कूलों में बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 39ए का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान है। आर्थिक तंगी के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की सुविधाओं के बारे में लोगों को जागरूक करना जरूरी है।
प्रशिक्षण में पॉक्सो अधिनियम-2012 के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने, उनकी गरिमा और निजता बनाए रखने तथा किसी संदिग्ध घटना की जानकारी मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित प्राधिकरण या पुलिस को सूचित करने की जानकारी दी गई।
शिक्षकों को संविधान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के सम्मान, पर्यावरण संरक्षण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने जैसे मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी बताया गया। उनसे इन मूल्यों को विद्यार्थियों के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में अजय शर्मा, विपिन कुमार सिंह, अनंत कुमार सिंह शेरावत, रामचन्द्र यादव, अजय कुमार शुक्ला, पूनम सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।