इससे उसके सिर, चेहरे आदि में गंभीर चोट आई है। यह देख स्कूल में शोरशराबा हुआ और भीड़ जमा हो गई। तत्काल उसे पास ही नर्सिंग होम में लाया गया। जहां से जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इसी बीच स्कूल से मिली खबर पर उसके पिता व परिजन भी पहुंच गए थे।
सूचना पर इलाका पुलिस भी जांच के लिए पहुंच गई। इंस्पेक्टर बन्नादेवी प्रदीप कुमार के अनुसार प्रकरण में जांच के दौरान स्कूल के सीसीटीवी में बच्चा खुद छलांग लगाते दिख रहा है। क्लास टीचर काम करा रही थी, तभी बच्चा उठकर भागा है। कूदने के कारणों को लेकर तथ्यों की जांच की जा रही है। परिवार की ओर से हालांकि लिखित कोई तहरीर नहीं मिली है।
पिता ने मढ़ा डर में छत से कूदने का आरोप
इस घटना को लेकर मयंक के पिता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें पौने नौ बजे करीब बच्चे के गिरने की सूचना मिली। तभी वह पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि स्कूल में खेल कूद प्रतियोगिता के लिए छात्रों का चयन हो रहा था। बेटे ने चार-पांच दिन पहले बताया था कि उसने ट्रायल में बाजी मारी है और कुछ सीनियर छात्र व एक शिक्षिका उससे इस बात पर चिढ़ते हैं। वह उसे रेस में शामिल होने से रोकना चाहते हैं।
बृहस्पतिवार को स्कूल के खेल मैदान में अंतिम ट्रायल हो रहा था। जब वह वहां नहीं पहुंचा तो खेल शिक्षक ने उसके विषय में पूछा था। जबकि एक शिक्षिका व कुछ सीनियर उसे जाने नहीं दे रहे थे। इसी दौरान वह उनसे बचकर ट्रायल में शामिल होने के लिए भागा और उसे रोकने सीनियर भागे। इसी में वह किसी तरह ऊपर से गिरा है। उसने जानबूझकर छलांग नहीं लगाई है। मामले वह आगे लिखित कार्रवाई भी करेंगे।
अभी 72 घंटे की निगरानी के बाद तस्वीर होगी साफ
मेडिकल कॉलेज में मयंक के पिता के अलावा मां कविता व अन्य परिजन भी मौजूद हैं। सभी का हाल बेहाल है। बच्चे की हालत नाजुक है। डॉक्टर अभी 72 घंटे तक कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि उपचार व निगरानी के बाद तस्वीर साफ होगी।
फिर क्यों कूदा होगा छात्र
हालांकि परिवार के आरोपों को स्कूल प्रबंधन ने सिरे से नकारा है। फिर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही होगी कि वह कूद गया। उसका क्या किसी से विवाद या किसी तरह का तनाव था। इन सवालों का जवाब तलाशने में पुलिस लगी है। साथ में प्रयास है कि अगर वह होश में आए तो शायद तस्वीर साफ हो।
बच्चे ने खुद क्यों छलांग लगाई, यह बिल्कुल समझ में नहीं आ रहा। अगर तीन-चार दिन पहले किसी सीनियर ने कुछ कहा सुना था और उसने परिवार को बताया तो परिवार ने स्कूल आकर शिकायत क्यों नहीं की। रहा सवाल उसे रेस में जाने से रोकने का तो सीसीटीवी में बिल्कुल साफ है कि वह अकेला क्लास से निकला और कूद गया है। यह सीसीटीवी पुलिस को मुहैया करा दिए गए हैं। स्कूल स्टाफ से लेकर मयंक के साथियों के भी पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। परिवार द्वारा बदनाम करने के मकसद से आरोप लगाए जा रहे हैं। - एसएन सिंह, निदेशक, इंग्राहम स्कूल