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Aligarh News: चोर-बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस को लगाते थे चूना, मुखबिरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरफ्तार

Wed, 30 Nov 2022 08:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिस को मुखबिरी का ऑफर देकर उनसे ऑनलाइन रकम ठगने वाले गैंग के सरगना सहित तीन सदस्य देहली गेट पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं।
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arrest symbol - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी पुलिस के थानेदारों को मुखबिरी का ऑफर देकर उनसे ऑनलाइन रकम ठगने वाले गैंग के सरगना सहित तीन सदस्य देहली गेट पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। खास बात है कि लोगों को ठगी के प्रति जागरूक करने वाली पुलिस इस गैंग की ठगी का शिकार हो रही थी।

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जवां इंस्पेक्टर के पास जब कॉल आया तो गैंग को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया और देहली गेट क्षेत्र में खैर रोड से गिरफ्तार किया गया। यह गैंग पिछले पांच साल में अमरोहा और बहराइच से जेल जा चुका है। नवंबर में छूटने के बाद इसने अलीगढ़ में अपनी जमीन बनाकर आसपास के जनपदों के थानेदारों को ठगना शुरू किया था। इसी बीच दबोच लिया गया। इनका एक साथी अभी फरार है।

एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत के अनुसार पिछले दिनों इंस्पेक्टर जवां को सीयूजी नंबर पर कॉल आया और उसने खुद को पुलिस का मुखबिर बताकर चोरी के वाहन बरामद करने की बात बताई। इस पर इंस्पेक्टर को कुछ संदेह हुआ और उन्होंने अधिकारियों को बताया। इसी बीच पता चला कि पश्चिमी यूपी के जिलों में कोतवालों को इस तरह के फोन पहुंच रहे हैं और उनसे ऑनलाइन 4 से 5 हजार रुपये ठगे जा रहे हैं।
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इस पर इन नंबरों को सर्विलांस पर लेकर इन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। यह गैंग पुलिस जाल में फंस गया और खैर रोड कब्रिस्तान के पास से देहली गेट पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। पूछताछ में इन्होंनेे अपनेे नाम गैंग सरगना जैनपुर कोतवाली देहात बुलदंशहर के नितिन उर्फ निखिल शर्मा, बेगमपुर रोहिणी नई दिल्ली के आशीष उर्फ आशु व बराल गुलावठी बुलंदशहर के मोनू बताए।

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पूछताछ में स्वीकारा कि निखिल बीटेक इंजीनियर है और नवंबर माह के शुरुआत में ही बहराइच से इसी तरह की ठगी में चार साल बाद जेल से छूटा है। इससे पहले अमरोहा से 2017 में जेल गया था। उसने आते ही फिर पश्चिमी यूपी के जनपदों के थाना प्रभारियों के सीयूजी नंबर की सूची लेकर उन्हें कॉल करना शुरू किया। खुद की ओर से मुखबिरी का ऑफर देकर 4 से 5 हजार रुपये ऐंठना शुरू किया। अब तक वह अपने खाते में करीब 100 थानेदारों से इस तरह से रकम गूगल पे एकाउंट में ले चुका है। इसमें एक साथी भोला अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।

किसी मजबूर की आईडी पर लेते थे सिम
निखिल के अनुसार वह किसी भी मजदूर, गरीब व मजबूर व्यक्ति से उसकी आईडी रुपये देकर लेते थे और उस आईडी से सिम खरीद लेते थे। उसी सिम से कॉल करते और गूगल एकाउंट बनाकर उसी में रुपये लेते। रुपये मिलते ही सिम तोड़कर फेंक देते थे। इनके पास से तीन मोबाइल, पांच सिम, कोतवालों के सीयूजी नंबरों की लिस्ट, पांच फर्जी आधार कार्ड, 7100 रुपये बरामद हुए हैं। फरार की तलाश जारी है।

जवां के अलावा इगलास, छर्रा को भी किए थे कॉल
गैंग सरगना पर अलीगढ़ के जवा, छर्रा, इगलास व कोतवाली में चार मुकदमों सहित प्रदेश में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य पर भी मुकदमे दर्ज हैं। निखिल ने जवां के साथ-साथ इगलास, कोतवाली व छर्रा के थानेदारों को भी फोन कर ठगने का प्रयास किया था। तभी से इस गैंग को रडार पर लिया गया।
-इस गैंग के सरगना सहित तीन सदस्य दबोचे गए हैं, एक अभी फरार है। यह गैंग सरगना नवंबर में छूटकर आने के बाद सक्रिय हुआ और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में ठगी की। हमारी टीम ने इसे दबोचा है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी।
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