कहते हैं कि जब मौत आती है तो मुद्दई वहां पहुंच जाता है जहां जाना प्रत्याशित न हो। कमोबेश ऐसा ही कुछ हरदुआगंज में मालगाड़ी की चपेट में आकर मृत छात्र के साथ हुआ। परिजनों ने उसे कोचिंग जाने से मना किया और घर में कटाई के बाद फैले गेहूं को संभालने को कहा। लेकिन वह महज दो घंटे में वापस आने की बात कहते हुए ऐसा गया कि वापस नहीं आया। पुलिस उसके रेलवे स्टेशन पर आने का कारण तलाश रही है।
हरदुआगंज के गांव ढसन्ना निवासी नगेंद्र खेती करते हैं। 17 वर्षीय शुभम जादौन उनका इकलौता पुत्र था। उससे छोटी एक बेटी भी है। शुभम 12वीं पास करने के बाद अतरौली अड्डे के पास जय कोचिंग सेंटर से पालीटेक्निक की परीक्षा की तैयारियां कर रहा था। 25 अप्रैल को उसकी प्रवेश परीक्षा थी। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को वह सुबह नौ बजे के करीब घर से निकल रहा था। तभी उसे गेहूं कटाई के बाद घर में रखे गेहूं संभालने का काम पड़ा होने का हवाला देते हुए परिजनों ने कोचिंग न जाने को कहा।
इस पर शुभम ने जवाब दिया कि दो घंटे की ही तो बात है। आकर काम निबटवा दूंगा। उसके बाद अपने दोस्तों के साथ 11 बजे से शुरू होने वाली कोचिंग क्लास के लिए निकल गया। पुलिस के मुताबिक शुभम किसी तरह जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंच गया। इस बीच मालगाड़ी की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। हादसे के समय वहां पर उसके साथी भी बताए गए थे, जो जीआरपी थाने में सूचना देने के बाद गायब हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में करते हुए परिजनों को हादसे की सूचना दे दी और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजन व ग्रामीण भी सदमे में
शुभम के परिजन उसकी मौत को लेकर सदमे में हैं। मां और बहन समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शुभम के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने और काल का ग्रास बनने के कारण को लेकर पशोपेश में हैं। मृतक के पिता नगेंद्र का कहना है कि उनका बेटा सीधा साधा और अपने काम से काम रखने वाला था। किसी भी तरह के प्रेम प्रसंग या रंजिश से वह इंकार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उसके पास मोबाइल तो था, लेकिन वह कभी मोबाइल को साथ नहीं ले जाता था। घटना वाले दिन भी मोबाइल घर में ही था। उसकी मौत कैसे हुई, वह प्लेटफार्म तक कैसे पहुंचा, इस मामले में वह अनभिज्ञता जता रहे हैं। पूछने पर उन्होंने बस इतना कहा कि शायद किसी ने उसे ट्रेन के आगे धक्का दे दिया हो। इसकी एफआईआर वह शुक्रवार को दर्ज कराएंगे। ग्रामीण भी उनके कथन की पुष्टि करते हुए शुभम को सीधा साधा बता रहे हैं।