स्कूल बंक कर दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करना और घर पर कह देना की पढ़कर आए हैं। पूरे दिन में एक-दो पीरियड में क्लास लेना और फिर स्कूल से बाहर एंजॉय करने निकल जाने पर भी हाजिरी पूरे दिन की लगना, अब संभव नहीं हो सकेगा। डिग्री कॉलेज में छात्र-छात्राओं की हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन से लगेगी। कब कक्षा में आए और कब गए, सभी डाटा मशीन में संग्रहित हो जाएगा।
यूपी के उच्च शिक्षा निदेशक प्रो ब्रह्मदेव ने प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेज के प्रबंधक, सचिव और प्राचार्य को बायोमैट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता के बारे में एक पत्र जारी किया है। जिसमें राज्यपाल के साथ विभिन्न जनपदों के शासकीय, अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंधकों के साथ बैठक का जिक्र किया गया है। बैठक में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए
बायोमैट्रिक उपस्थिति का प्रावधान लागू करने का अनुरोध किया गया था।
इस पर निर्देश जारी हुए हैं कि प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं की बायोमैट्रिक सिस्टम के द्वारा उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इस पर हुई कार्यवाही के बारे में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कक्षाओं में लगेंगी बायोमैट्रिक मशीन
बायोमैट्रिक सिस्टम के द्वारा उपस्थिति को देखते हुए अब महाविद्यालयों के अंदर कक्षाओं में बायोमैट्रिक मशीन लगानी होगी। छात्र-छात्रा को कक्षा में आते-जाते समय अपनी उंगली बायोमैट्रिक मशीन में लगानी होगी, तब ही हाजिरी लगेगी। अब पूरे पीरियड करने होंगे, तभी कॉलेज से आउट हो सकेंगे। ऐसे ही प्राचार्य, प्राध्यापक और कर्मचारी को भी अपनी हाजिरी लगानी होगी।