समद रोड सेंटर प्वाइंट से चोरी गए 25 लाख रुपये कीमत के मोबाइल नेपाल में बिके हैं। वहां एक ग्राहक द्वारा मोबाइल खरीदकर चलाए जाने पर जब उसकी लोकेशन ट्रेस हुई तो पुलिस दंग रह गई। आनन-फानन में टीम को नेपाल भेजा गया। मगर, कानूनी अड़चनों के कारण पुलिस खाली हाथ वापस लौट आई। अभी यह सवाल अनसुलझा है कि मोबाइल वहां तक कैसे पहुंचे हैं। पुलिस का अनुमान है कि बिहार या झारखंड का कोई गैंग यहां से मोबाइलों को या तो चोरी करके ले गया है या फिर यहां से चोरी गए मोबाइल वहां के गैंग को बेच दिए गए हैं।
समद रोड मंगलम कांप्लेक्स स्थित मोबाइल शोरूम में 18 सितंबर की तड़के चोरी हुई थी। यहां से करीब 25 लाख रुपये कीमत के 88 स्मार्टफोन चोरी गए थे। इस घटना में पुलिस पिकेट की लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मियों निलंबित किए गए थे।
पिछले सप्ताह एक मोबाइल की लोकेशन नेपाल में आई। इस पर आनन-फानन एक टीम को नेपाल भेजा गया। वहां जिस व्यक्ति के पास मोबाइल था, उसने पहले तो किसी से गिफ्ट मिलना स्वीकारा। मगर पुलिस सख्ती के चलते एक दुकान से खरीदना स्वीकारा। मगर दूतावास से वारंट या अनुमति न होने के कारण न तो पुलिस मोबाइल बरामद कर ला सकी और न किसी को पकड़कर ला सकी। हां, जांच में यह जरूर उजागर हुआ कि पिछले दिनों मेरठ में भी इसी तरह की चोरी के बाद झारखंड का गैंग सामने आया था। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रविंद्र दुबे के अनुसार इस मामले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सफलता हाथ लगेगी।