फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: शहर में 50 हजार कुत्ते, अब तक हुई 1500 की, अगले पांच साल से ज्यादा वक्त तक चलेगी नसबंदी

Sun, 15 Oct 2023 03:49 AM IST
चमन शर्मा आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कहते हैं कि किसी भी शहर की कुल आबादी की लगभग तीन फीसदी संख्या में कुत्ते होते हैं। अलीगढ़ की आबादी अगर लगभग 15 लाख मान ली जाए तो कुत्तों की संख्या लगभग 45 से 50 हजार हो सकती है। ऐसे में नसबंदी का काम पूरा करने में लगभग पांच या छह वर्ष तक का समय लग सकता है।
विज्ञापन
कुत्ते - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ शहर में कुत्तों की आबादी 50 हजार तक हो चुकी है। इसी वर्ष दो लोगों की कुत्तों के काटने से मौत हो चुकी है। वहीं, बीते नौ महीने में लगभग 85 हजार से अधिक रैबीज इंजेक्शन लगवाए जा चुके हैं। ऐसे में कुत्तों के खौफ से निजात के लिए लंबा इंतजार करना होगा। तेजी से बढ़ती हुई इस आबादी को थामने के लिए नगर निगम ने इनकी नसबंदी का अभियान चलाया है। जिसको पूरा करने में लगभग पांच से छह वर्ष लंबा वक्त लग जाएगा। 700 कुत्तों की नसबंदी हर महीने करने का लक्ष्य रखा गया है। 

विज्ञापन


इससे पहले वर्ष 2017-18 में तकरीबन 2650 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी। इसके बावजूद इनकी संख्या इतनी कैसे बढ़ गई, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। शहर में दूसरी बार इनकी नसबंदी हो रही है। नर कुत्ते की नसबंदी में लगभग 10 मिनट और मादा में 20 मिनट का समय लगता है। इसके बाद सामान्य होने में इनको तीन से चार दिन का समय लगता है।

अब तक लगभग 1500 कुत्तों की नसबंदी हुई है, जिसमें तकरीबन 900 नर और 600 मादा है। 20 से 25 कुत्तों को रोजाना पकड़ा जा रहा है। जिनको क्वार्सी चौराहे से अनूपशहर रोड की ओर बने नगर निगम के एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रखा जा रहा है। एक कुत्ते की नसबंदी का खर्च तकरीबन 918 रुपये आ रहा है। मैसर्स दक्ष फाउंडेशन को इसका ठेका मिला है, जो खैर के बामनी गांव की संस्था है। नगर निगम के पास नौ बड़े पिंजड़े है, जिसमें एक साथ 6 कुत्ते रखे जा सकते हैं। वहीं नौ ऐसे पिंजड़े हैं, जिसमें एक कुत्ते को रखा जा सकता है। इस तरह से कुल 15 पिंजड़े हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

50 इलाकों से पकड़े गए कुत्ते

टनटनपाड़ा, बनियापाड़ा, उस्मानपाड़ा, जयगंज, वार्ड नंबर 85 और 87, सासनीगेट, बदामनगर, जीवनगढ़, केलानगर, इकरा कॉलोनी, अवंतिका फेज वन, राधिका एन्क्लेव, मेडिकल कॉलोनी, अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज, एएमयू सर्किल, फ्रेंडस कॉलोनी, मैरिस रोड, आयकर भवन के पास। इसी तरह लगभग 50 मोहल्लों से कुत्तों को पकड़ कर उनकी नसबंदी की गई है।

कुल आबादी का तीन फीसदी होते हैं कुत्ते
नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कहते हैं कि किसी भी शहर की कुल आबादी की लगभग तीन फीसदी संख्या में कुत्ते होते हैं। अलीगढ़ की आबादी अगर लगभग 15 लाख मान ली जाए तो कुत्तों की संख्या लगभग 45 से 50 हजार हो सकती है। ऐसे में नसबंदी का काम पूरा करने में लगभग पांच या छह वर्ष तक का समय लग सकता है।

यह भी जानें
  • वर्ष 2017-18 में 2650 कुत्तों की नसबंदी हुई थी, यह दूसरा मौका
  • 50,000 से अधिक कुत्ते शहर में होने का अनुमान
  • 85,000 हजार रैबीज इंजेक्शन इस वर्ष अब तक लगे
  • 1500 कुत्तों को अब तक नसबंदी के लिए पकड़ा गया
  • 918 रुपये प्रति कुत्ता आ रहा नसबंदी का खर्च
  • नर में 10 तो मादा में लगता है 20 मिनट का समय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें