सौतेली मां के अत्याचारों से परेशान 12 वर्षीय बच्ची बृहस्पतिवार की रात भागकर जलाली पहुंच गई। वहां बच्ची की दर्दभरी दास्तां सुनकर मोहल्ले के लोग दंग रह गए। बच्ची ने बताया कि उसकी मां मर चुकी है। सौतेली मां रोज उसकी बेरहमी से पिटाई करती है, जिसके निशान उसने शरीर पर दिखाए तो लोग सिहर गए और रात में ही बच्ची को पुलिस चौकी ले जाकर घटनाक्रम की जानकारी दी। एक परिवार ने बच्ची को रातभर अपने पास रखा, खाना खिलाया और कपड़े दिए। प्यार से बातचीत की तो बच्ची ने चार साल पहले आई सौतेली मां के जुल्म भरे किस्सों की झड़ी लगा दी।
थाना चंडौस पुलिस की मदद से बच्ची के परिवार की सूचना दी गई तो शुक्रवार की देर शाम बच्ची के पिता और उसकी दादी जलाली पुलिस चौकी पहुंच गए। पुलिस ने बच्ची को परिजनों की सुपुर्दगी में देने के लिए कहा तो सुपुर्दगी के विरोध में 60-70 लोग चौकी पहुंच गए, जिनमें काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। पिता को देखकर बच्ची चीखते हुए रो पड़ी, बोली- किसी सूरत में पापा के साथ नहीं जाऊंगी, पापा दादरी में मजदूरी करने चले जाते हैं और घर में मां चमड़ी उधेड़ने लगती है। दादी ने पुचकारा तो बोली- दादी डंडे टूट गए, लेकिन मां नहीं रुकी। घर से न भागती तो मां मार डालती। दादी से कहा कि जब तुम्हें ही घर से निकाल दिया तो मुझे कहां ले जाओगी। रोती बिलखती बच्ची की सिसकियां और दर्द भरी दास्तां सुन लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस ने बच्ची व उसके परिजनों समेत कस्बे के लोगों को थाने भेज दिया। जहां देर रात दादी के मान-मनौवल और पुलिस के दबाव के बीच लोगों ने बच्ची की सुरक्षा का हवाला देकर उसे उसकी दादी की सुपुर्दगी में दे दिया।
दादी ने कहा- मुझे भी घर से निकाल दिया, अब बेटी के पास रहती हूं
कस्बा पुलिस बच्ची की बातों पर यकीन करने की स्थिति में नहीं थी, लगा कि गलती पर मां-बाप के डांट फटकारने से नाराज होकर चली आई है, लेकिन जब दादी ने स्वीकार किया कि बहु सौतेली बेटी को पीटती है और उसको भी घर से निकाल दिया है, वह अपनी बेटी के पास रहती है। पुलिस और बाकी लोगों को भी बच्ची की बातों पर यकीन हो गया। दादी ने पुलिस को यकीन दिलाया कि उसके नाम 3 बीघा जमीन है, जिससे वह नातिन का पालन पोषण करेगी और उसे भी अपनी बेटी के पास लेकर अपने साथ रखेगी।
बच्ची की दादी ने जिम्मेदारी लेने की बात कही, जिसके बाद बच्ची को दादी की सुपुर्दगी में दे दिया गया है, जलाली में लोग भी सहमत थे।
- हरिनाम सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरदुआगंज