भाजपा महानगर के एक पदाधिकारी का महिला के साथ वीडियो वायरल हुआ है। इसको लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा का बाजार गरम है। भाजपा के ही कुछ लोग इसे फैलाने में लगे हैं। जबकि कुछ लोग मामले को शांत करने में जुटे हैं। भाजपा नेता अब एक दूसरे से कह रहे हैं कि जरा संभल कर यह ‘वायरल’ का मौसम है।
वहीं, आरोपों से घिरे भाजपा नेता का कहना है कि उन्हें बदनाम करने की साजिश है। मूल विवाद कुछ और है। जो वीडियो वायरल किया गया है, वह तीन साल पुराना है। सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आएगी। बहरहाल वीडियो चर्चा में है। भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत का कहना है कि उन्होंने वीडियो के बारे में सुना है लेकिन अभी देखा नहीं है।
भाजपा में एक के बाद एक वीडियो, आडियो एवं फोटो वायरल होने के बाद स्थिति यह हो गई है कि अब फोन पर बात करने से भी नेता कतराने लगे हैं। खासकर, किसी से संबंध में कुछ कहने में नेता ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। कुछ महीने पहले महानगर के बारहद्वारी कार्यालय में महानगर अध्यक्ष, महामंत्री सहित अन्य नेताओं की बातचीत से संबंधित ऑडियो वायरल हो गया था। इसमें प्रभारी मंत्री से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी तक को लेकर टिप्पणी हुई थी।
ऑडियो वायरल होने के बाद काफी हंगामा हुआ था। उस ऑडियो की गर्मी काफी दूर तक पहुंची थी। उसके बाद महानगर उपाध्यक्ष एवं मडराक मंडल के महामंत्री का ऑडियो वायरल हुआ था। खूब गाली-गलौज हुई थी। कुछ जनप्रतिनिधियों का नाम भी लिए गए थे।
उसके बाद भाजपा के जिला महामंत्री का आडियो वायरल हुआ। उसमें भाजपा नेता ने एक उद्योगपति को देख लेने की बात कही थी। सोशल मीडिया में जनप्रतिनिधियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद गोंडा मंडल के उपाध्यक्ष विवादों में फंस गए थे। इसी विवाद में उन्हें पद से हाथ धोना पड़ा था। मामू भांजा के दो युवा नेताओं की बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें सीडी वाले नेता वरिष्ठ नेता को गाली दे रहे थे।