30 मई सुबह शिव मंदिर में मूर्ति को देखकर ग्रामीणों में आपस में ही विरोध के स्वर फूटने लगे। इस पर पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह ने सभी की सहमति बनाकर मूर्ति को ससम्मान मंदिर से हटाकर घर पर रखवा दिया।
थाना इगलास क्षेत्र के गांव मिलिक में 29 मई रात लगभग एक बजे शिव मंदिर परिसर में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति लगा दी गई। 30 मई सुबह इस पर ग्रामीणों में आपस में ही विरोध होने लगा। बाद में सभी की सहमति से मूर्ति को ससम्मान हटा दिया गया।
विज्ञापन
पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में 10 दिन पूर्व बघेल समाज के लोगों की पंचायत हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति निजी जमीन में या पंचायत की जमीन में सरकारी अनुमति के बाद लगाई जाएगी। 29 मई की रात्रि में करीब एक बजे गांव के शिव मंदिर परिसर में फाउंडेशन तैयार करके मूर्ति लगा दी गई।
पूर्व प्रधान ने सभी के साथ बनाई सहमति
30 मई सुबह शिव मंदिर में मूर्ति को देखकर ग्रामीणों में आपस में ही विरोध के स्वर फूटने लगे। इस पर पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह ने सभी की सहमति बनाकर मूर्ति को ससम्मान मंदिर से हटाकर घर पर रखवा दिया। सोशल मीडिया पर मंदिर परिसर में बने फाउंडेशन को तोड़े जाने के वीडियो के वायरल होने के संबंध में पूर्व प्रधान का कहना है कि मूर्ति को ससम्मान घर पर रखवा दिया गया है। सरकारी नियमावली का पालन करके सरकारी जमीन या निजी जमीन में मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
विज्ञापन
गांव में मूर्ति को लेकर कोई विवाद नहीं: सीओ
इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार का कहना है कि गांव के कुछ लोगों द्वारा महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति को शिव मंदिर परिसर में लगाया गया था, जिसका आपस में ही विरोध होने पर सम्मान सहित मूर्ति को शिव मंदिर परिसर से हटा दिया गया है। सूचना पर पुलिस गांव में मौके पर पहुंची और प्रकरण की जानकारी की। गांव में मूर्ति को लेकर अब किसी भी प्रकार कोई विवाद नहीं है।