खेलेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया, लेकिन समस्या यह है कि खेला कहां जाये? गांवों से लेकर कस्बों में कोई मैदान नहीं है। वर्षों से खैर तहसील क्षेत्र में स्टेडियम की मांग उठ रही है, लेकिन कोई सुन नहीं रहा है। जिसके चलते युवाओं की खेलों के प्रति उदासीनता बढ़ती जा रही है। दूसरी तरह सैकड़ों युवा सेना भर्ती की तैयारी के लिए जान हथेली पर लेकर सड़कों पर दौड़कर पसीना बहा रहे हैं। ट्रैक, स्टेडियम, जिम का तो अभाव है ही, युवाओं को गाइड करने वाला भी कोई नहीं है। बस युवाओं का देश प्रेम का जज्बा उन्हें हौसला दे रहा है। जिसके चलते वे सड़कों पर दौड़कर, कसरत कर सेना भर्ती के मापदंडों को पूरा करने की जी तोड़ मेहनत में जुटे हैं।
खैर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांव के तीन सौ से भी अधिक युवा आर्मी, बीएसएफ व पुलिस महकमे में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हजारों की संख्या में युवा भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। बावजूद इलाके में कोई ट्रेक, स्टेडियम और जिम नहीं है। किसी कोच की भी व्यवस्था नहीं है जो युवाओं को तैयारी के लिए उचित सलाह दे सके। युवा गांव के खेतों, लिंक मार्गों, नहर किनारे बने कच्चे पक्के मार्गों पर सुबह शाम दौड़ने व ईंट पत्थरों के सहारे व्यायाम करने को मजबूर हैं। सड़कों पर वाहनों के आवागमन से हादसे का भय बना रहता है। स्टेडियम की मांग को लेकर स्टेडियम बनाओ संघर्ष समिति द्वारा घर घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। माह फरवरी में एसएस गार्डन जट्टारी में एक धरना प्रदर्शन भी हुआ था। उस समय तत्कालीन एसडीएम अंजुम बी मौके पर पहुंची थी। उन्होंने जल्द जगह चिन्हित कर अग्रिम प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया था। बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
आर्मी की भर्ती की तैयारी सड़कों पर दौड़कर करनी पड़ रही है। ट्रैक और स्टेडियम की बात तो दूर की है, गांव में खाली मैदान तक नहीं है। जिससे युवा वर्ग में घोर निराशा है। - विकास कुमार, गांव नयावास
सुबह शाम नयावास नहर किनारे दौड़ लगाकर तथा ईंटों के सहारे व्यायाम कर तैयारी कर रहे हैं। इन हालातों के बावजूद जनप्रतिनिधियों द्वारा संसाधनों के लिए उचित प्रयास न करना निराशाजनक है। - चौधरी श्याम सिंह, गांव नयावास
क्षेत्र के युवाओं की मांग पर स्टेडियम निर्माण के लिये लगातार प्रयासरत हैं। केन्द्र सरकार को स्टेडियम के लिये प्रस्ताव भेज रखा है। स्वीकृति मिलते ही जमीन का चयन किया जायेगा। - अनूप प्रधान, खैर विधायक,
पूर्व का उनको संज्ञान नहीं है। उनके सामने स्टेडियम की कोई मांग उनके समक्ष नहीं आई है। स्टेडियम संबंधी कोई प्रक्रिया भी वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।- अंजनी कुमार सिंह, एसडीएम खैर
ताहरपुर में 54 बीघा व यमुना एक्सप्रेस वे के पास भी साठ बीघा सरकारी उपयुक्त जमीन खाली पड़ी है। सात सितंबर को स्टेडियम निर्माण की मांग को लेकर अधिकारियों से मिलेंगे। - सौरभ चौधरी, अध्यक्ष स्टेडियम बनाओ संघर्ष समिति