लगातार तलबी व समन के बाद भी गवाही देने नहीं आ रहे गैरजनपदों के दो कोतवालों के खिलाफ गिरफ्तारी आदेश जारी हुए हैं। इतना ही नहीं, इनमें से एक वृंदावन कोतवाल के पूर्व गिरफ्तारी आदेश के बावजूद उन्हें पेश न करने पर एसएसपी मथुरा को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। इधर, कासगंज कोतवाल के खिलाफ भी गिरफ्तारी आदेश जारी किए गए हैं। यह यह आदेश एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत से जारी किया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, वृंदावन में तैनात कोतवाल सूरज प्रकाश शर्मा वर्ष 2016 के थाना देहली गेट के धारा 413, 420 के मुकदमे में वादी हैं। वे उस समय यहां बतौर उपनिरीक्षक तैनात थे। बार-बार समन के बाद भी वे गवाही के लिए नहीं आ रहे।
पूर्व में एसएसपी मथुरा को गिरफ्तारी आदेश जारी कर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए कहा गया है अन्यथा उनकी गवाही का मौका समाप्त कर मुकदमा निस्तारित किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष की होगी। साथ में वेतन रोकने के भी आदेश दिए। बावजूद इसके उन्हें कोर्ट में पेश नहीं किया गया। इस पर अब 20 अक्तूबर को स्पष्टीकरण देने के लिए व्यक्तिगत रूप से एसएसपी मथुरा अभिषेक यादव को तलब किया गया है। साथ में 31 अक्तूबर को सूरज प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कराकर पेश करने के लिए कहा गया है।
एडीजीसी के अनुसार, दूसरा प्रकरण कासगंज के इंस्पेक्टर विनोद कुमार से संबंधित है। वे वर्ष 2012 के हरदुआगंज के हत्या से जुड़े मुकदमे में बतौर विवेचक गवाह हैं। बार-बार समन व वारंट के बाद भी वे जिरह के लिए अदालत में हाजिर नहीं हो रहे। इस पर एसपी कासगंज को पत्र लिखकर उन्हें एक नवंबर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए कहा गया है। साथ में वेतन रोकने का भी आदेश दिया है।