आईटीआई रोड रामनगर में मनोज सक्सेना का कार्यकर्ता सम्मेलन रविवार को विवाद में बदल गया। कहासुनी, गालीगलौज के बाद हाथापाई हुई और कार्यक्रम समाप्त हो गया। यहां पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव मनोज सक्सेना अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करने आए थे, वह अपने आप को मेयर पद के प्रत्याशी के रूप में प्रचारित कर लोगों से समर्थन मांग रहे थे।
इस बीच उन्होंने कहा कि अयोध्या में छोटे से श्रीराम लला की मूर्ति और परिसर की सुरक्षा में 40 हजार पुलिस कर्मी लगाए गए हैं करोड़ों रुपये का खर्च हो रहा है। भाजपा वाले इस मंदिर पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन मंदिर नहीं बन रहा।
इतना सुन कर वहीं पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ता राम नागर मौके पर सामने आए और मनोज को तत्काल भाषण बंद करने को कहा। ये कार्यक्रम भाजपा के कार्यकर्ता राम नागर के घर के बाहर हो रहा था, जो वहां से पार्षद पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
उनके ही पड़ोसी कांग्रेसी शीलू पंडित ने इस कार्यक्रम का आयोजन वहां कराया था। राम नागर और शीलू पंडित में कहासुनी के बाद गालीगलौज और हाथापाई हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध देख कर मनोज का कार्यक्रम समाप्त हो गया।
भाजपाइयों की ओर से भारत माता जिंदाबाद, श्रीरामलला जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे तो दूसरी तरफ से कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगे। इसी बीच कुछ बुजुर्ग लोगाें ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। खास बात ये कि सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव का घर भी यहीं है , लेकिन इस विवाद से पहले ही वह वहां से निकल चुके थे।
मेरे घर पर जगह कम थी, इसलिए बाहर गली में कार्यक्रम कराया था। मुझे नहीं पता था कि इस तरह से विवाद हो जाएगा। अभी भाजपा, सपा और दूसरे दलों के कार्यक्रम होंगे तो क्या उन्हें भी रोका जाएगा।
-शीलू पंडित, कांग्रेस कार्यकर्ता
एक तो बिना किसी अनुमति के कार्यक्रम किया और उस पर श्रीरामलला की सुरक्षा को लेकर कटाक्ष किया गया। इस पर रोका तो वह लोग मुझसे ही भिड़ गए। जवाब में कहासुनी हो गई।
-राम नागर, भाजपा कार्यकर्ता