जमातियों के तलाशी अभियान के दौरान बीती एक अप्रैल को कोतवाली इलाके के रंगरेजान मोहल्ला मस्जिद से पकड़े गए श्रीलंकाई मूल के जमाती मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान रविवार को जेल से रिहा हो गए। पुलिस ने उनको रंगरेजान मोहल्ला के रहने वाले मो. खालीद और मो. उमर की सुपुर्दगी में सौंपा है। विदेश के लिए हवाई उड़ान शुरू न होने के चलते उनको यहां रखा गया है। जैसे ही उड़ान शुरू हो जाएगी, उनको श्रीलंका वापस भेज दिया जाएगा।
जमातियों के अधिवक्ता अहलेनबी ने बताया कि जमाती मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान पुत्र जिहार 28 फरवरी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। दो दिन निजामुद्दीन मरकज में रुकने के बाद एक मार्च को अलीगढ़ आ गए। यहां रंगरेजान मस्जिद से इनको पुलिस ने पकड़कर पांच मई को जेल भेजा था
। कोर्ट में चले मुकदमे में एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। इस पर कोर्ट से उनको एक-एक हजार रुपये अर्थदंड और पांच-पांच माह के कारावास की सजा से दंडित किया था। रविवार को दोनों रिहा होकर आ गए। दोनों के पास अभी अपने देश जाने का कोई जरिया नहीं है। जैसे ही उड़ान चालू हो जाएंगी। यह विदेश मंत्रालय और श्रीलंका दूतावास के जरिये अपने देश वापस जा सकेंगे।