अलीगढ़ शहर में वाहनों की रफ्तार से होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। लेकिन यही स्पीड ब्रेकर अब कमर और रीढ़ दर्द देने लगे हैं। हड्डी के डॉक्टरों के पास कमर और रीढ़ दर्द के रोजाना पांच मरीज पहुंच रहे हैं।
बेतरतीब ढंग से बनाए गए स्पीड ब्रेकर से लोगों को कमर दर्द, सर्वाइकल जैसी बीमारियां का मरीज बनाया जा रहा है। स्पीड ब्रेकर से अचानक झटका लगने पर रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कमर में दर्द, चोट और गंभीर मामलों में स्लिप डिस्क, वर्टेब्रल कंप्रेशन फ्रैक्चर या डिस्क प्रोलैप्स आदि समस्याएं हो सकती हैं। - डाॅ. आयुष कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ
मानक के विपरीत स्पीड ब्रेकर काफी दुख देने वाला है। इस पर वाहन गुजरते वक्त पूरे शरीर को तेजी से झटका लगता है। वाहन चालकों को ब्रेकर पर अपने वाहन की गति को नियंत्रित करना चाहिए जिससे कि शरीर को भी कोई चोट न पहुंचे। - डॉ. भरत कुमार वार्ष्णेय, प्रेसिडेंट इलेक्ट, आईएमएविज्ञापन
शहर में स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। मगर नियमों की अनदेखी की गई है। ब्रेकर में प्लास्टिक के तीन स्लोप होने से अक्सर दो पहिया अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। वह रफ्तार से नहीं, बल्कि ब्रेकर के चलते चोटिल हो जाते हैं। - प्रदीप के गुप्त, अध्यक्ष, पुरातन छात्र समिति
अचानक झटके लगने से कमर की मांसपेशियों और लिगामेंट्स में खिंचाव हो सकता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है। सायटिका या स्पॉन्डिलोसिस की समस्या बढ़ सकती है। ब्रेक लगाने से सिर में अचानक झटका लग सकता है। बुजुर्गों में हड्डियों के फ्रैक्चर या जोड़ खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।-डॉ. केशव गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ