महत्वपूर्ण परिणाम तब सामने आए जब आईसीएच और आईसीए के संयुक्त प्रयोग किए गए। आईसीएच-80 और आईसीए-120 का संयोजन सबसे प्रभावी रहा। इस संयोजन से मिर्च में कैप्साइसिन की मात्रा बढ़कर लगभग 7.57 मिलीग्राम प्रति ग्राम तक पहुंच गई, जो सामान्य पौधों की तुलना में अधिक है। वहीं, स्टीविया की पत्तियों में भी स्टेवियोसाइड और अन्य जैव तत्वों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
वनस्पति विभाग के प्लांट फिजियोलॉजी व बायोकेमिस्ट्री सेक्शन में हुए शोध में कैप्साइसिन के तीखे तत्व और स्टीविया की मिठास में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी दर्ज होना है। इस तकनीक का उपयोग कृषि और औषधीय पौधों की खेती में उत्पादकता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।-प्रो. विभा शर्मा, मेंबर इंचार्ज, जनसंपर्क अधिकारी, एमएयू।
क्या है स्टीविया
स्टीविया एक प्राकृतिक और शून्य-कैलोरी स्वीटनर है, जो स्टीविया रेबाउडियाना नामक पौधे की पत्तियों से प्राप्त होता है। इसे मीठी तुलसी या मधु पत्ती भी कहा जाता है। यह चीनी से 200-350 गुना अधिक मीठा होता है, जो मधुमेह रोगियों और वजन कम करने वाले लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।