बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी की प्रबंध समिति के चुनाव पर चल रहा विवाद डिप्टी रजिस्ट्रार से होते हुए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सोसाइटी के साधारण सभा सदस्य एवं विशेष अपील के पक्षकार राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर को दायर विशेष अपील को खारिज करते हुए संबंधित पक्ष को अपनी बात हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
राजेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार 21 दिसंबर 2025 को हुए प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है। डिप्टी रजिस्ट्रार के 27 मई 2026 के आदेश के खिलाफ सोसायटी के कथित सचिव आकाशदीप वार्ष्णेय ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रकरण से संबंधित एक अन्य याचिका में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे।
एकल पीठ के आदेश के खिलाफ आकाशदीप वार्ष्णेय की ओर से विशेष अपील दाखिल की गई। इसके बाद राजेंद्र वार्ष्णेय की ओर से 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अपील दाखिल की गई थी।
30 सितंबर को ही हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष पूर्व में दाखिल रिट याचिकाओं पर सुनवाई हुई, जिसे अगली तारीख तक स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सोसायटी का विवाद अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनके अनुसार, विपक्षी पक्ष को कॉलेज में प्रवेश अथवा प्रबंध समिति का कार्य संचालित करने संबंधी कोई आदेश अभी जारी नहीं हुआ है और कॉलेज में नियुक्त कंट्रोलर अपना कार्य कर रहे हैं।