कासगंज जाने से सिकंदराराऊ में रोके जाने के बाद अलीगढ़ पहुंचीं साध्वी प्राची ने कहा कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदेमातरम् कहना होगा, नहीं तो पाकिस्तान जाना होगा। अखलाक कांड के बाद पुलिस ने हिंदुओं के गांव खाली करा दिए थे। आज समुदाय विशेष के क्षेत्र में रहने वाले हिंदू बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए हिंदू बाहुल्य क्षेत्र में रहने वाले समुदाय विशेष के लोगों को बाहर निकाल देना चाहिए।
साध्वी ने कहा कि मुजफ्फ रनगर और दादरी में कई लोगों को खोने के बाद अब कासगंज में चंदन को खो दिया। मैरिस रोड पर राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एवं उनके पुत्र एटा सांसद राजवीर सिंह राजू के घर पहुंची साध्वी प्राची ने कहा कि मुजफ्फ रनगर में सचिन और गौरव की दर्दनाक मौत हुई, दादरी में अखलाक कांड के बाद जेलर ने जेल में ही राहुल को पीट-पीट कर मार डाला। अब कासगंज में गणतंत्र दिवस पर निकली तिरंगा रैली में वंदेमातरम् गाने और भारत माता के जयकारे लगाने पर समुदाय विशेष ने विरोध किया। जिससे वहां बवाल हुआ और हिंदू कार्यकर्ता चंदन की मौत हो गयी।
साध्वी बोलीं कि चंदन के परिवार को ढांढस बंधाने के लिए वह कासगंज जा रही थीं लेकिन पुलिस ने सिकंदराराऊ के पंत चौराहे पर उनको रोक लिया। इससे वापस अलीगढ़ आना पड़ा। साध्वी ने कहा कि कासगंज में हुई घटना के पीछे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की घोर लापरवाही है। अधिकारी अभी तक सपा वाली मानसिकता से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अगर 24 घंटे के अंदर कासगंज के चंदन प्रकरण के आरोपी जेल नहीं भेजे गए तो वह कासगंज पहुंचेंगी। तब उनको कोई रोक नहीं पाएगा। कानून व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने योगी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सरकार सही कार्य कर रही है लेकिन कुछ अधिकारी सुधर नहीं रहे हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी से करूंगी।
लोग अफ वाहों पर कतई ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं को नजरंदाज करें। कोई गलत पोस्ट कर रहा है तो पुलिस को सूचित करें। ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई होगी। भ्रामक पोस्ट फ ॉरवर्ड करने वाले के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई होगी।
राजेश पांडेय, एसएसपी अलीगढ़
अलीगढ़ पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहीं साध्वी
स्थानीय पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि साध्वी प्राची बुलंदशहर से चल कर अलीगढ़ आएंगी और यहां से कासगंज जाएंगी। पुलिस ने इसकी सूचना आईजी आगरा को दी। वहां से निर्देश मिलने के बाद प्राची को अलीगढ़ में ही रोकने की रणनीति बनी। लेकिन हकीकत में साध्वी प्राची गुरुवार रात को ही सासनीगेट इलाके में एक परिचित के आवास पर आ गई थीं और रात्रि प्रवास यहीं पर हुआ। इस बीच पुलिस अधिकारियाें ने साध्वी के पर्सनल मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन बंद था। सुबह साढ़े दस बजे जब फोन चालू हुआ तो वह अलीगढ़ से निकल कर पनैठी के पास थीं। उनके काफिले में पांच कारें थीं। पनैठी से ही एक रास्ता गंगीरी से होते हुए कासगंज जाता है और दूसरा रास्ता सिकंदराराऊ से कासगंज जाता है।
अलीगढ़ पुलिस ने गंगीरी-कासगंज और जीटी रोड से कासगंज वाया सिकंदराराऊ के रास्ते पर नाकाबंदी कर दी। वाहन चेक होने लगे। इस पर साध्वी ने अपने काफिले की तीन गाड़ियों को गंगीरी-कासगंज के रास्ते पर भेज दिया और खुद दो गाड़ियों के साथ पुलिस को चकमा देकर सिकंदराराऊ पहुंच गई। साध्वी के अलीगढ़ से निकलने की सूचना फिर से आईजी के माध्यम से हाथरस जिला प्रशासन को दी गई। इस पर सिकंदराराऊ के पंत चौराहे पर वहां की स्थानीय पुलिस ने साध्वी को रोक लिया। वहां से साध्वी को वापस अलीगढ़ आना पड़ा। साध्वी के वापस आने तक एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव पनैठी पर ही डटे रहे कि कहीं वह किसी अन्य रास्ते से कासगंज न निकल जाएं। अलीगढ़ आकर वह राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के मैरिस रोड स्थित आवास पर पहुंची और मीडिया से मुखातिब हुईं। यहां आधा घंटे तक ठहरने के बाद वह बुलंदशहर चली गईं। इस दौरान प्राची की मूवमेंट को देखते हुए क्वार्सी चौराहे से तालानगरी तक तीन जगह बैरियर लगाए गए थे। अलीगढ़-गंगीरी-कासगंज रोड पर भी चौकसी बढ़ाई गई। गंगीरी के पास मलसई गांव पर अलीगढ़ कासगंज सीमा सील कर दी गई। जीटी रोड पर भी पुलिस ने पहरेदारी बढ़ा दी थी लेकिन साध्वी अलीगढ़ पुलिस को गच्चा देने में कामयाब रहीं।
अब परिस्थिति पर पूरा नियंत्रण : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त अलीगढ़ सुभाष चंद शर्मा ने कासगंज में डेरा जमा दिया है। वह शुक्रवार से तनाव होेने के बाद वहीं पर डटे हैं। उन्होंने बताया कि वहां की स्थिति पर पूरा काबू पा लिया गया है। अब धीरे-धीरे माहौल सामान्य हो रहा है। कुछ शरारती युवक इधर-उधर की छोटी-छोटी गलियों से निकल कर कूड़ा कचरे के ढेर में आग लगा कर माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। ऐसे दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। माहौल बिगाड़ने वालों से पुलिस प्रशासन पूरी सख्ती से निपट रहा है। जल्द ही हालात पूरी तरह से सामान्य हो जाएंगे। यहां समुदायों के बीच में टकराव नहीं है, बल्कि कुछ शरारती लोग ही माहौल खराब करने में लगे हैं। गौर हो कि मंडलायुक्त के साथ गए स्टाफ ने बताया कि शुक्रवार वह एक ही ड्रेस में हैं।