2011 में बिना अनुमति जनसभा करने का आरोप
मामला वर्ष 2011 का है। आरोप है कि कोतवाली नगर क्षेत्र के तुर्कमान गेट स्थित सामियाना प्लाजा में प्रस्तावित जनसभा की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद तत्कालीन सपा नेता रामजीलाल सुमन ने समर्थकों के साथ पहुंचकर प्लाजा का ताला तोड़ दिया और जनसभा की। घटना के बाद पुलिस ने सरकारी आदेश की अवहेलना और तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बताया गया कि मामले में लगातार गैरहाजिर रहने पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसी के तहत बुधवार को उन्होंने अदालत में सरेंडर किया।
जमानत के बाद सरकार पर साधा निशाना
जमानत मिलने के बाद सांसद रामजीलाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई जाति और धर्म के आधार पर की जा रही है। साथ ही सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। हालांकि, जब उनसे 2011 के मामले और कोर्ट में आत्मसमर्पण को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।