जमीरउल्ला खां कोल विधानसभा से 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी से विधायक भी चुने गए। 2017 में उन्होंने निर्दलीय कोल विधानसभा से चुनाव लड़ा, जिसमें वह चुनाव हार गए। कुछ समय जमीरउल्ला कांग्रेस में भी रहे।
आम आदमी पार्टी के बाद समाजवादी पार्टी ने यूपी नगर निकाय चुनाव के लिए छह नगर निगमों के महापौर पद के प्रत्याशी की लिस्ट जारी कर दी है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने अलीगढ़ नगर निगम के लिए जमीरउल्ला खां को प्रत्याशी घोषित किया है। जमीरउल्ला खां सपा से विधायक भी रह चुके हैं।
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जमीरउल्ला खां का जन्म 20 जून 1966 को अलीगढ़ जिले में हुआ था। वह आठवीं कक्षा तक पढ़े हैं। वह अलीगढ़ जनपद की कोल विधानसभा से 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी से विधायक भी चुने गए। 2017 में जमीरउल्ला खां निर्दलीय कोल विधानसभा से चुनाव लड़ा, जिसमें वह चुनाव हार गए। कुछ समय जमीरउल्ला कांग्रेस में भी रहे।
जमीरउल्ला खां का विवाद भरे बयान से पुराना नाता रहा है। मुरादाबाद के एक कॉलेज मे बुर्का बैन करने पर इन्होंने बयान दिया था कि बुर्का पर पाबंदी लगाने वालों को नंगा घुमाओ, तब उन्हें पता लगेगी कि बेपर्दगी क्या होती है। मदरसों को लेकर भी उन्होंने विवादित बयान दिया था, उन्होंने कहा था कि मदरसों की दीवार तोड़ने से इस्लाम को खतरा नहीं है, इस्लाम मजबूत हो रहा है। अगर जांच के बाद मदरसों पर पाबंदी लगाने की कोशिश की गई तो घर-घर में मदरसे होंगे।
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अलीगढ़ की एमपीएमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के जमीर उल्लाह को 2016 के एक मामले में तीन महीने की सजा सुनाई थी। जमीर उल्लाह जब अलीगढ़ के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे, तब उन पर यह मामला दर्ज हुआ था। अलीगढ़ में आप से राजकुमार लोधी और अब सपा से जमीरउल्ला खां के प्रत्याशी बनाने के बाद भाजपा, कांग्रेस, बसपा के जल्दी ही पत्ते खुलेंगे।