जवां में 15 दिन पूर्व एक वृद्धा की नृशंस हत्या कर शव को काली नदी में फेंके जाने के मामले का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। वृद्धा का हत्यारा उसका बेटा श्रीराम ही निकला। श्रीराम ने पुलिस पूछताछ में मां की हत्या की बात स्वीकार की। आरोपी श्रीराम को पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया।
एसपी क्राइम डा. अरविंद कुमार ने एसएसपी ऑफिस में प्रेसवार्ता कर बताया कि 22 अगस्त को जवां थाना क्षेत्र की काली नदी में एक महिला का शव मिला था। शव की शिनाख्त माया देवी (50) पत्नी स्व: नन्नू सिंह निवासी कलियानपुर, जवां के तौर पर हुई थी। वृद्धा की हत्या के बाद से ही उसका दूसरे नंबर का बेटा श्रीराम फरार था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर श्रीराम सुमेरा नहर झाल के पास से हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसने मां के कत्ल की बात स्वीकार की। एसपी क्राइम के अनुसार 21 अगस्त को खेत में काम करते समय श्रीराम ने माया देवी के समक्ष जमीन, जायदाद बेचकर बरौली निवासी अपनी मामी के पास ही जाकर रहने की बात कही थी।
श्रीराम की शराब की लत और कामधंधा न करने की हरकतों के चलते उसकी बात का माया देवी ने विरोध किया था। इस पर गुस्से में उसने बाजरा काटने की खुरपी से अपनी मां को सिर और चेहरे पर वार करके मौत के घाट उतार दिया था। शव को काली नदी में फेंककर फरार हो गया था। पुलिस तभी से इसके पीछे लगी थी। आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा उसके बड़े भाई जयप्रकाश की तहरीर पर दर्ज किया गया है। उसे दबोचने वाली पुलिस टीम में जवां थाना इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह, एसआई रामकृष्ण, कांस्टेबल अजय राठी, रमेशचंद्र शामिल रहे।