उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ जिले का एक फौजी सीमा पर बैठकर पुलिस की करतूत से इतना परेशान है कि फोन पर मदद मांगते-मांगते रो पड़ता है।
वह एक ही बात कहता है कि दारोगा जी अगर कहें तो वह जान दे देगा, लेकिन उसके परिवार को तंग न करें।
उसने अपनी फरियाद भी एसएसपी को लिखित में भेज दी है। वह छुट्टी न मिलने के कारण मन मारकर वहां नौकरी कर रहा है।
इधर, गांव के दबंगों की दहशत और पुलिस के दबाव के चलते बुजुर्ग मां-बाप बच्चों को लेकर घर से ताला लगाकर गांव से पलायन कर गए हैं।
इंटरनेट की मदद से मोबाइल नंबर जानने वाले गांव चूहरा के इस फौजी विजय सिंह ने दूरभाष पर बातचीत में बताया कि उसकी पोस्टिंग जम्मू के अखनूर में सीमा पर है। मार्च में उसकी बेटी संग कुछ पड़ोसियों ने मारपीट कर दी थी।
इसका मुकदमा दर्ज कराया गया तो वे लोग समझौते के लिए दबाव बनाने लगे। पहले बेटी के अपहरण की धमकी दी गई। अब इगलास के दारोगा आरोपी पक्ष के समर्थन में खड़े हैं और मां-बाप को तरह-तरह से धमकाते हैं।
समझौता करने का दबाव बनाते हैं। दो दिन पहले मां-बाप को पड़ोसियों ने पीटा, लेकिन पुलिस स्तर से सुनवाई नहीं हुई।
अब इतना दबाव बनाया है कि उसके पिता हरी सिंह, मां व विजय सिंह के बच्चों को लेकर गांव से पलायन कर गए हैं।
विजय कहता है कि वह सीमा पर देश सेवा में लगा है। देश के लिए जान दे सकता है। अगर दरोगा जी चाहें तो परिवार के लिए भी जान देने को तैयार है। मगर वह परिवार को परेशान न करें।
इस तरह का मामला अभी संज्ञान में नहीं है, लेकिन अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अमित पाठक, एसएसपी