अलीगढ़ नोड में एनआरटी की एंट्री को स्थानीय उद्योगों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ड्रोन निर्माण में बड़ी संख्या में प्रिसिजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मेटल फैब्रिकेशन और सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है। इससे स्थानीय उद्योगों को आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है। साथ ही इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड्स में शामिल अलीगढ़ को शुरू से ही एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना रही है। यहां कई रक्षा और एयरोस्पेस कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। एनआरटी की निर्माण इकाई को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औद्योगिक जानकारों का कहना है कि यदि प्रस्तावित परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में अलीगढ़ की पहचान केवल ताला उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह रक्षा विनिर्माण और ड्रोन तकनीक के उभरते केंद्र के रूप में भी स्थापित हो सकता है।
क्या है एनआरटी?
- बेंगलुरु स्थित डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी
- मानव रहित विमान (यूएवी) और आधुनिक रक्षा प्रणालियों के विकास में सक्रिय
- हाल ही में रक्षा मंत्रालय से सोलर पावर्ड यूएवी की आपूर्ति का ऑर्डर प्राप्त
- यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड में 3.5 एकड़ भूमि आवंटित
क्यों महत्वपूर्ण है यह निवेश?
- डिफेंस कॉरिडोर में हाईटेक निर्माण इकाई स्थापित होगी
- ड्रोन और रक्षा तकनीक क्षेत्र में अलीगढ़ की भागीदारी बढ़ेगी
- स्थानीय उद्योगों को सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा
- तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी
- अलीगढ़ की औद्योगिक पहचान को नया आयाम मिलेगा