निकाह सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान
- फोटो : Social Media
शेरवानी बिरादरी की युवती से निकाह करने वाले घोसी बिरादरी के युवक और उसकी बीवी का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान पंच घोसियान ने जारी किया है। अब युवक और उसके परिजन को मानसिक यातनाएं भी दी जा रही हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत उप्र राज्य मानवाधिकार के चेयरमैन से की है।
इंसाफ के लिए वह दर-दर भटक रहा है। महानगर के जमालपुर निवासी सलमान अहमद घोसी बिरादरी से ताल्लुक रखता है। सलमान ने बताया कि नवंबर 2017 में शेरवानी बिरादरी की युवती से निकाह किया था। इसके बाद से उसे प्रताड़ित किए जाने लगा है। उसने कहा कि गैर बिरादरी में निकाह करने पर मुस्लिम समाज घोसी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष चौधरी अब्दुल कयूम और महासचिव अब्दुल हमीद घोसी उससे और उसके परिजन से रंजिश मानने लगे हैं।
17 मार्च 2019 को सोसाइटी ने फरमान जारी कर दिया कि बिरादरी के कानून के खिलाफ निकाह करने वाले शौहर-बीवी को अगर कोई अपने कार्यक्रम में बुलाता है, तो उसके यहां बिरादरी का कोई भी व्यक्ति नहीं जाएगा। सलमान ने कहा कि उसके छोटे भाई की शादी होनी है, लेकिन बिरादरी के लोग धमकी देते हैं कि बिरादरी का कोई भी व्यक्ति शादी में शामिल नहीं होगा।
इस मामले में सलमान ने इंसाफ की गुहार डीएम से लगाई है। सोसाइटी के अध्यक्ष चौधरी अब्दुल कयूम ने बताया कि बिरादरी के कार्यक्रम में बिरादरी के लोग आ सकते हैं। हमने किसी को नहीं रोका है। वहीं सामाजिक बहिष्कार को लेकर सलमान द्वारा आधारहीन आरोप लगाया जा रहा है।