केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से शिकायत के बाद एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान बच्चे की मौत के मामले की सुनवाई प्रारंभ कर दी है।
इसमें आरोपी रेजीडेंट डॉक्टर जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान दे चुके है। जांच शुरू होने के बाद डॉक्टरों में खलबली मच गई है। इसको लेकर बुधवार को आरडीए कार्यकारिणी सदस्य बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार करने वाले हैं।
27 मई की रात में उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 16 में खैर के सोमना रोड, सुभाष चौक निवासी करीब ढ़ाई महीने के अरहन पुत्र अली की मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि इससे आक्रोशित परिजनों ने वार्ड में तैनात डॉ. जफर इकबाल एवं डॉ. अम्मर जावेद के साथ मारपीट की थी।
इसकी वजह से चार दिन तक मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहे थे। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से मो. तारिक ने इसकी शिकायत वीसी जमीरउद्दीन शाह एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से की थी। इस शिकायत के आधार पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रो. एमकेए शेरवानी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। गत दिनों तलब किए जाने पर आरोपी चिकित्सक डा. जफर इकबाल कमेटी के सामने पेश हुए और अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
मामले की जांच अभी चल रही है। जांच कमेटी द्वारा रेजीडेंट डॉक्टर को तलब किए जाने के बाद डॉक्टरों के बीच खलबली मच गई है। आरडीए के कार्यकारिणी सदस्यों की बुधवार को बैठक बुलाई गई है। रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि जांच कमेटी के बहाने चिकित्सक को निशाना बनाया गया तो वे बर्दाश्त नहीं करेंगे।