शहर में पिछले कुछ दिनों से धुएं और धूल के कारण हो रहे प्रदूषण के चलते नाक में एलर्जी जैसे मामलों में इजाफा हुआ है। डाक्टरों के मुताबिक बच्चों और वृद्धों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निजी क्लीनिक आदि में भी सांस लेने की तकलीफ होने की समस्या से ग्रस्त होकर मरीज पहुंचे, इस स्थिति के लिए काफी हद तक पिछले दिनों बढ़ी धुएं और धूल की बात कही जा रही है।
मलखान सिंह जिला अस्पताल के डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि शहर में पहले से ही कूड़े और गंदगी की समस्या के चलते हवा में सामान्य से अधिक वैक्टीरिया मौजूद हैं। इसके अलावा आबादी वाले इलाकों में चल रहे कारखाने और फैक्ट्रियां स्थिति को और भी गंभीर कर रही हैं।
ऐसे में त्योहार आदि के समय धुएं और धूल की मात्रा और बढ़ जाना और भी तकलीफ देह है। अस्पताल में खास तौर से वृद्ध लोगों को सांस लेने की समस्या के मामले आए। ऐसे में उनको सलाह दी गई कि अगर बाहर ज्यादा धुआं आदि हो रहा हो तो घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें।
क्या करें अगर घर के आसपास कारखाना आदि है ः
अगर आसपास कारखाने हैं और घर के अंदर की हवा साफ रखनी है तो कुछ सामान्य से उपाय कर सकते हैं। नर्सरी संचालक भीकम सिंह कहते हैं कि घर के अंदर अधिक से अधिक इनडोर प्लांट लगाएं। ऐसे करीब 10-12 इंडोर प्लाटं हैं जिनको धूप की जरूरत नहीं होती है।
घर के अंदर रहते हुए यह लगातार प्राकृतिक तरीके से वहां की हवा को साफ करते रहते हैं। इनमें बांस का मिनीएचर, मनी प्लांट, रबर प्लांट, एरिक पाम जैसे पौधे शामिल हैं। इसके अलावा अगर घर के बाहर थोड़ा संभव है तो घर के खुले हिस्सों को क्रीपर, बेल आदि से कवर किया जा सकता है।