यदि आपके विचार आपको जगाए रखते हैं, तो जर्नलिंग यानि आने वाले दिन की टू-डू लिस्ट के बारे में सोचना, आपके दिमाग को शांत कर सकता है। एक नियमित दिनचर्या बनाने से हमारे शरीर को हर रात एक ही समय पर नींद आने केलिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। नियमित दिनचर्या सेट करने से आपके शरीर को अधिक जल्दी सो जाने में मदद मिल सकती है। सोने से पहले स्नान और एक गर्म पेय, आपके शरीर को शांत कर स्लीप मोड में जाने के लिए शानदार उपाय हो सकता है।
स्क्रीन से खुद को दूर रखना मुश्किल है लेकिन यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी, हमारे दिमाग को जगाए रखती है। यदि नींद न आने का संक्रमण बहुत ज्यादा है, तो एक नीले प्रकाश के फिल्टर यानि चश्मा खरीदें और अपने फोन को नाइट मोड में डाल दें। इसमें स्क्रीन से नीले रंग के प्रकाश को कम किया जाता है।
युवा अकसर, वयस्क हो जाने पर ये सोचने लगते हैं कि वह पर्याप्त रूप से परिपक्व या बड़े हो गए हैं, कि उन्हें सोने और नींद की दिनचर्या का पालन करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अपने आपको इस भ्रम से बाहर निकाल कर सुबह नियमित व्यायाम और सोने से पहले हल्की फुल्की स्ट्रैचिंग आपके शरीर को रात भर में होने वाली रिकवरी केलिए तैयार कर सकती है।
मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के डॉक्टर अंशु शोम ने बताया, पर्याप्त और नियमित नींद को, नींद की अच्छी आदत यानि स्लीप हाईजीन कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें धीरे धीरे नींद की आदत बिगड़ती है और धीरे-धीरे ही ठीक हो सकती है। अच्छी नींद के लिए अंधेरा जरूरी है।
हमे अपने दैनिक कार्यों को दिन में ही पूरा कर लेना चाहिए, साथ ही पर्याप्त व्यायाम और दैनिक कार्यों से शरीर इतना थक जाता है कि रात में समय से नींद आना लाजमी हो जाता है। अच्छे स्वास्थ के लिए नियमित नींद जरूरी है। परिजनों पहले अपनी नींद को नियमित करें क्योंकि बच्चे अपने बड़ों को देखकर ही सब सीखते हैं।