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दीपावली के बाजार में फिर छाईं चीन में बनी झालरें

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दीपावली पर्व में सिर्फ छह दिन बचे हैं, ऐसे में साफ-सफाई और साज-सज्जा की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। दीपावली रोशनी का पर्व है, इसलिए घरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने की तैयारी में भी जनपदवासी जुटे हुए हैं। कोरोना संक्रमण काल एवं चीन से तकरार के बाद माना जा रहा था कि इस बार दीपावली में चीन में बनी बिजली की झालरों की जगह घर-घर बिजली की देसी झालरें जगमगाएंगी, लेकिन फिलहाल ऐसा नजर नहीं आ रहा। इस बार भी चीन वाली बिजली की झालरों की शहर के बाजारों में भरमार है, जबकि देसी झालरों का बाजार में अभी इंतजार है।
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चीन के उत्पादन का बाजार में कब्जा बरकरार
इस बार भी शहर में लाइट और झालरों के मामले में चीन के उत्पादन ने कब्जा जमा रखा है। शहर के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में न के बराबर स्वदेशी झालर देखने के लिए मिल रही हैं। वहीं चीन की झालरें हर दूसरी इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर जगमगाती नजर आ रही हैं। कीमत कम होने की वजह से लोगों का रुझान भी चीन वाली झालरों की ओर है। कारोबारियों का कहना है कि चीन की झालरों का अब तक कोई विकल्प नहीं आया है। देसी झालरें इतनी महंगी होती हैं कि उनका दाम सुनते ही लोग चीन वाली झालरों को ही खरीदने का रुख दिखाते हैं।
लुभा रही फैंसी झालरें
इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में उपलब्ध चीन निर्मित फैंसी झालर शहरवासियों को जमकर लुभा रही हैं। तितली, मटकी, दीपक जैसी अलग-अलग आकृति में उपलब्ध हैं। यह झालरेें लोगों को बेहद पसंद आ रही हैं, लिहाजा इनकी खरीदारी काफी अधिक हो रही है। 50 रुपये से शुरू होकर यह झालरें पांच हजार तक की कीमत में भी उपलब्ध है।
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हालांकि चीन के उत्पादों से बढ़ती बेरुखी का असर दीपावली पर होने वाली सजावट में दिखने लगा है। ग्राहक चीन की झालरों से दूरी बनाकर मेड इन इंडिया झालरों की ओर से आकर्षित हो रहे हैं। खुदरा में चीन की झालरें 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं, जबकि देसी झालरों की न्यूनतम कीमत ही 150 रुपये है।
कीमतों में कई गुना का अंतर होने के चलते अधिकांश लोग चीन की झालरों को ही पसंद कर रहे हैं। भले ही देसी झालरों की कीमत चीन की झालरों से कुछ अधिक हैं, लेकिन तमाम ग्राहक ऐसे भी हैं जो दुकान पर पहुंचते ही चीन की की झालरें न दिखाने की बात कहते हुए खरीदारी कर रहे हैं।
देसी झालरों की भी खूब है मांग
देसी झालरों की भी खूब मांग है, लेकिनहम उस मांग को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। आर्डर देने के 15 दिन बाद माल आ रहा है। देसी झालरों का आर्डर जून-जुलाई में ही कर दिया था, इसलिए हमारे पास देसी झालरों का अच्छा स्टॉक है। चीन की झालरों का विकल्प भी बाजार में उपलब्ध नहीं है। यदि है तो वह इतना महंगा है कि कुछ ही लोग उसे खरीद नहीं पा रहे हैं। देसी झालरों का बाजार तभी रफ्तार पकड़ेगा जब सस्ते के साथ उसकी आपूर्ति पूरी होगी। - मोहम्मद सलमान, मामू भांजा।
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