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Aligarh News: मानसून में त्वचा संक्रमण का वार, बढ़े मरीज

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दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय के त्वचा रोग विभाग में मरीजों को परामर्श देते डॉ. जाहिद।  - फोटो : samvad
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बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत लाया हो, लेकिन नमी और उमस ने त्वचा रोगों का खतरा काफी बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल की स्किन ओपीडी में इन दिनों दाने, लाल चकत्ते, फुंसी और फंगल इंफेक्शन के मरीजों की कतारें देखने को मिल रही हैं।
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अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जाहिद ने बताया, सामान्य दिनों में रोजाना केवल पांच से छह मरीज आते थे, लेकिन इन दिनों यह संख्या बढ़कर रोजाना 45 से 50 तक पहुंच गई है। नमी के कारण पसीना सूख नहीं पाता, जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं।

डाॅ. जाहिद ने बताया कि बारिश के मौसम में सूती और ढीले कपड़े पहनने, त्वचा को सूखा रखने और बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी एंटी-फंगल क्रीम नहीं इस्तेमाल करने की मरीजों को सलाह दी जा रही है।
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केस- 1
पसीने से बढ़े लाल चकत्ते

ओपीडी में इलाज कराने पहुंचीं नौरंगाबाद निवासी 28 वर्षीय सुनीता ने बताया कि पिछले चार दिनों से उनके गले और पीठ पर तेज खुजली के साथ लाल चकत्ते (रैशेज) हो गए हैं। घर के नुस्खे आजमाने पर समस्या और बढ़ गई। डॉ. जाहिद के अनुसार उमस और गंदे पसीने के जमाव की वजह से हुआ फंगल इन्फेक्शन है।


केस - 2:
भीगे कपड़ों से त्वचा संक्रमण

35 वर्षीय रमेश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले बारिश में भीगने के बाद से उनकी जांघों और हाथों पर फुंसियां निकल आई हैं, जिनमें जलन हो रही है। डॉक्टर ने इसे बैक्टीरियल इन्फेक्शन करार दिया और साफ-सफाई के साथ भीगे कपड़े तुरंत बदलने की सलाह दी।
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