जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को मथुरा बाईपास के पास शाह कुतुबपुर स्थित तीन प्रमुख बफैलो मीट प्रोडक्ट एक्सपोर्टरों के छह अवैध कट्टीघरों को सील कर दिया है। इन कटटीघरों में जानवरों को कटाने के बाद उनके अंगों के अलग-अलग हिस्सों से कई सामान बनाये जाते थे। यहां से चाकू, जानवर काटे जाने के हथियार, मृत जानवरों के अवशेष, सबमर्सिबल पंप, मोटरसाइकिल, पशुओं के अवशेष समेत अन्य सामान जब्त किया गया। कुछ सड़े गले अवशेष बाहर फिंकवा दिए गए। वहां कार्यरत कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक शाहपुर कुतुब रोड पर दो बूचड़खाने एक ही परिसर में मिले हैं। जिनके मालिक शहर के प्रमुख बफैलो मीट एक्सपोर्टर और अल हम्द के संचालक हाजी जहीर हैं। हाजी जहीर अलीगढ़ आयकर रेंज में सबसे बड़े करदाता भी रह चुके हैं। यहां जानवरों के अवशेष, सूखी हड्डियां, चाकू, सबमर्सिबल पंप, बाइक आदि मिली हैं। इससे पहले इसी मोहल्ले में तीन अन्य अवैध बूचड़खाने एक ही परिसर में मिले हैं, जो मीट प्रोडक्ट एक्सपोर्टर हाजी कलीम के हैं। मूलत: कानपुर निवासी हाजी कलीम के बूचड़खाने में मवेशियों की हड्डियों को पीस कर मुर्गी दाना बनाया जाता है। पुलिस के अनुसार बूचड़खानों में मिले औजारों से ये स्पष्ट है कि कट्टी करने के बाद सभी काम इन्हीं गोदामों में होते हैं। इसके अलावा भारत के पड़ोसी देश म्यंमार निवासी एक एक्सपोर्टर के बूचड़खाने को भी सील किया गया है, जो मुंबई से काम करता है। ये कारोबारी मवेशियों की आंतों को खरीद कर उसमें मसाला लगा कर बाहर भेजता है।
मंगलवार रात हुई कार्रवाई के बाद बुधवार सुबह छापे की कार्रवाई की आशंका के चलते अवैध कट्टी घर संचालक पहले से ही अपना सारा काम बंद कर सामान भी हटा चुके थे। जो कुछ माल बेचने लायक था उसे भी बेच दिया गया था। सभी अवैध कारोबारियों को प्रशासनिक कार्रवाई की पूरी खबर पहले से ही थी। ये भी कहना गलत नहीं है कि योगी सरकार बनने के बाद से ही बूचड़खाने वाले अपना सामान समेटने लगे थे। इसीलिए पुलिस को बड़ी मात्रा में कुछ नहीं मिला है। इस दौरान पूरे इलाके में गहमागहमी होती रही। दर्जनों लोगों की भीड़ गोदामों के आसपास जुटती रही। दूसरे कट्टीघरों के जासूस भी कार्रवाई की टोह लेते रहे। वहीं यहां की बदबू से परेशान लोग दबी जुबान से इस कार्रवाई की वकालत करते रहे। आलम ये था कि पुलिस और प्रशासनिक अफसर यहां खड़े तक नहीं हो पा रहे थे।
सभी ने अपनी नाक पर रुमाल और मुंह पर मास्क लगाया था। इस कार्रवाई स्थल के पास ही अलीगढ़ के सभी बफैलो एक्सपोर्ट यूनिट कार्यरत हैं। कार्रवाई के दौरान एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विमल कुमार अग्रवाल, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसओ देहलीगेट अनुज कुमार सहित कई थानों का फोर्स मौके पर मौजूद रहा।
पशुओं के अवैध कटान पर पुलिस प्रशासन की सख्ती चारों ओर से हो रही है। बुधवार सुबह बौनेर के पास कई रास्तों से आ रहे छह वाहनों को चेकिंग के दौरान पकड़े गए। जिसमें 60 पशुओं को ठूंस ठूंस कर भरा गया था। जिससे कई पशु गंभीर रूप से घायल भी हो गए हैं। पुलिस ने सभी छह वाहन, 60 मवेशी और 24 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
बुधवार को शाहपुर कुतुब रोड पर तीन कारोबारियों के छह बूचड़खानों पर छापा मार कर कार्रवाई हुई, जिसमें चीफ वैटनरी अफसर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। बौनेर मोड़ पर सुबह वाहन चेकिंग दौरान छह वाहनों से साठ पशु मिले। जिनको ठूंस ठूंस कर भरा गया था। इसमें 24 लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं जिसमें एक सिकंदराराऊ और बाकी अलीगढ़ के हैं। पशु चिकित्सकों से पशुओं की जांच कराई जाएगी। जिसके बाद ग्रामीणाें को पशुओं को सौंप दिया जाएगा। ये पशु सिकंदराराऊ से छेरत ले जाए जा रहे थे। - अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी