प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि यह कार्रवाई कुलपति के आदेश पर की गई है। बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय में हुए हंगामे के बाद प्रॉक्टर कार्यालय के सुरक्षा अधिकारी इरफान अहमद खान ने थाना सिविल लाइंस में जानलेवा हमला, कार रोकने, सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। दानिश, इरफान, अदील, शोएब, पारस, फव्वाद, अरशद, सलमान, अदीब पर यह मुकदमा दर्ज कराया गया था। छात्रों ने कुलपति कार्यालय में छह घंटे तक हंगामा किया था।
बाबे सैयद पर दिया धरना, पुलिस फोर्स रही तैनात
मुकदमा दर्ज होने और निलंबन कार्रवाई के खिलाफ शुक्रवार को एएमयू छात्रों ने बाबे सैयद पर धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान बाबे सैयद पर पुलिस फोर्स तैनात रही। छात्रों ने सोमवार से शुरू होने वाली सेमेस्टर की परीक्षा का बहिष्कार करने की रणनीति बनाई।
छात्रों ने कहा कि उन पर हमला करने का आरोप लगाया जा रहा है, जो गलत है। शून्य हाजिरी और छात्रसंघ चुनाव को लेकर वे लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बात कुलपति से कहने नहीं दी जा रही है। अलबत्ता, कुलपति को छात्रों पर कार्रवाई करने के लिए गुमराह किया जा रहा है। छात्रों ने कहा कि अपनी बात यूनिवर्सिटी प्रशासन से नहीं कहेंगे, तो किससे कहेंगे। मगर कुछ प्रशासनिक अधिकारी ऐसा नहीं चाहते हैं। इस संंबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि छात्रों ने जो हरकतें की हैं, वह सही नही हैं। इसलिए कार्रवाई की गई है।