यह दृश्य कितना भयावह था। खून के छींटों के साथ मासूम बेटी शव के पास थी। गायक की शिक्षक पत्नी जब पढ़ाने के लिए स्कूल जाती थी तो दो वर्ष की बेटी को संभालने का जिम्मा आयुष के कंधों पर था। जब उसके मन में आत्महत्या का भाव आया तो वह बेटी को चुपचाप पिता के पास से अपने साथ गोद में खिलाते हुए छत पर कमरे में ले गया। कमरे का दृश्य देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने पहले बेटी को जमीन पर बिठाया, फिर खुद उसके सामने बैठकर गोली मारी। जब दरवाजा खुला तो मासूम बेटी खून के छींटों से सनी हुई थी। पिता के शव के पास ही वह बिलख बिलख कर रो रही थी। दादा ने उसे गोद में उठाया। बाद में अपनी पत्नी व बहू को बुलाया।
मुंबई तक गए थे आयुष, बनाया खुद का स्टूडियो
आयुष ने संगीत की दुनिया में काफी समय पहले कदम रखा था। दस वर्ष पहले वह सुर्खियों में आए। इस बीच वे कई बार मुंबई भी गए। वहां रहकर अपने कई संगीत एलबम बनाए। जिनमें से 18 गाने यू-ट्यूब पर हैं। उन्होंने घर की छत वाले कमरे में अपना स्टूडियो बना लिया था। जहां खुद गाना गाते व गानों की कंपोजिंग करते थे।