महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र के सरसैयद नगर निजामी पुलिया स्थित फरहत ए शमा अपार्टमेंट में बुधवार की दोपहर एक संगीतकार ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खबर पर पुलिस भी पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस को एक छोटा सा सुसाइड नोट मिला है, जिसमें संगीतकार ने खुद को अपनी जान देने का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी से जोड़कर देख रही है।
फरहत ए शमा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर ए-5 निवासी 44 वर्षीय तारिक जमाल शम्सी पुत्र रफत अली अपनी पत्नी कहकशां व बेटा-बेटी संग रहते थे। वे लंबे समय से संगीत सिखाने का काम करते थे। संगीतकार होने के चलते मुंबई से भी उनका जुड़ाव था। कुछ साल पहले तक अलीगढ़ अपार्टमेंट में उनका अपना एक दफ्तर भी था। पुराना घर जौहराबाग में है, जिसमें इन दिनों निर्माण चल रहा है और परिवार सहित वे यहां रह रहे थे। पुलिस के अनुसार दोपहर करीब 1.45 बजे खबर मिली कि तारिक शम्सी ने खुद की लाइसेंसी रिवाल्वर ने घर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली है।
इस सूचना पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। मौके से रिवाल्वर जब्त करते हुए साक्ष्य संकलित किए गए। इस दौरान एक छोटा सा पत्र मिला, जिसमें तारिक की ओर से लिखा गया था कि इस कदम के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। परिवार के हालात न संभाल पाने के कारण ऐसा कर रहा है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रविंद्र दुबे के अनुसार जांच में यह भी पता चला है कि दंपती में मंगलवार देर रात किसी बात पर कलह हुई थी। इसके बाद यह घटना दिन में हो गई। जांच में पता चला है कि काम ध्ंाधा कुछ मंदा भी था। सुसाइड के पीछे यह तमाम वजह ही समझ में आ रही हैं। फिर भी जांच में जो सामने आएगा, वही कार्रवाई की जाएगी। अभी किसी ने कुछ लिखित नहीं दिया है। शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है।
शार्ट फिल्म-सीरियल के लिए भी तैयार किया संगीत
तारिक शम्सी के विषय में शायद कम ही लोग जानते होंगे, मगर वे संगीत के क्षेत्र में खासा हुनर रखते थे। पुराने समय में उनका साझेदारी में अपना स्टूडियो हुआ करता था। उन्होंने अपने मुंबई संपर्क के दौर में शार्ट फिल्म व सीरियल के लिए भी संगीत तैयार किया है। वे तबला बजाने में माहिर थे और बाद में वे अलीगढ़ में प्रापर्टी व्यापार से भी जुड़ गए। इसी बीच उनका धंधा मंदा होने लगा। अब कुछ समय पहले तक वे संगीत सिखाने का काम करते थे।