देश में शरिया कानून लागू करने के मकसद से यह ग्रुप हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा है। नए पढ़े लिखे युवकों को संगठन से जोड़कर शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रदेश में बड़ी घटना कराने की तैयारी हो रही है। इसी क्रम में इनके पास से मिले प्रपत्र, इलेक्ट्रानिक उपकरणों से ऐसे साक्ष्य मिल रहे हैं।
बैठकों में होता था नए लोगों को जोड़ने का काम
एमएयू में पढ़ाई करने के साथ ही ये आतंकी छात्र संगठन स्टूडेंट ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एसएएमयू) से भी जुड़े थे। इस संगठन की बैठकों के जरिए भी एक दूसरे से संपर्क करके नए लोगों को आईएसआईएस से जोड़ने का काम कर रहे थे। देश और प्रदेश के देश व प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे थे। इसके लिए वह युवाओं की टीम भी तैयार कर रहे थे। अलीगढ़ के अलावा प्रदेश के कई शहरों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है। एटीएस सूत्र बताते हैं कि जो नाम इस मुकदमे में हैं, उनकी तलाश है। इसके अलावा इनसे जुड़े व इनके संपर्क के अन्य लोगों को भी सरगर्मी से तलाशा जा रहा है। आगे और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं।
पकड़े गए, पर भी एएमयू ने नहीं की कार्रवाई
एएमयू स्तर से अभी तक उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की, जो एएमयू के छात्र हैं और लगातार इनकी गिरफ्तारी हुई हैं। हर बार की तरह एएमयू एक ही बात कहती है कि अभी तक उन्हें लिखित में कोई जानकारी नहीं मिली है।
इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। एजेंसियां सक्रिय हैं। जो भी मदद एजेंसियों के स्तर से मांगी जा रही है, वह की जा रही है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी