13 मार्च रात्रि को भद्रा उपरांत रात्रि 11:29 से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। जिसमें रात 12.55 से रात 1.55 बजे तक लाभ कई अत्यन्त शुभ और हर कार्य में लाभकारी लाभ का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। इसके बाद रात 3.25 से सुबह 6.25 तक होगा। इस बीच श्रद्धालु होली पूजन व दहन कर सकते हैं।
होलिका दहन 13 मार्च को रात 11.29 के बाद किया जाएगा। 13 मार्च पूर्णिमा तिथि सुबह 10.35 से प्रारंभ होगी, लेकिन 10.36 पर भद्रा प्रारंभ हो जाएगी, जो रात्रि 11.31 बजे तक रहेगी। जिससे होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा। रात्रि 11.29 के बाद होली पूजन व दहन का शुभ मुहूर्त है।
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ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शास्त्री ने बताया कि इस बार होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा, क्योंकि पूर्णिमा के साथ ही 13 मार्च की सुबह 10.36 बजे भद्रा प्रारंभ हो जाएगी, जो रात्रि 11.31 बजे तक रहेगी। इस बीच भद्रा का वास पृथ्वी पर होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए होली पूजन व दहन पर विचार करना आवश्यक है।
13 मार्च रात्रि को भद्रा उपरांत रात्रि 11:29 से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। जिसमें रात 12.55 से रात 1.55 बजे तक लाभ कई अत्यन्त शुभ और हर कार्य में लाभकारी लाभ का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। इसके बाद रात 3.25 से सुबह 6.25 तक होगा। इस बीच श्रद्धालु होली पूजन व दहन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवश्यक स्थिति में भद्रामुख त्याग कर भद्रापुच्छ काल में भी श्रद्धालु होलिका पूजन-दहन कर सकते हैं।