इलाके के गांव टमकौली-परतापुर के बीच खेत में 27 वर्षीय महिला की लाश के साथ बेहोश मिली शिवानी (4) के हाव-भाव गवाही दे रहे हैं कि उसके दिल में मां की कत्ल का राज कैद है।
जैसे-जैसे उसकी हालत में सुधार हो रहा है, उससे खेल-खेल में चाइल्ड लाइन की महिला काउंसलर जानकारी जुटाने में प्रयासरत हैं। मगर मां शब्द सुनते ही उसके चेहरे पर दहशत के भाव आ जाते हैं और वह मां के पास जाने की जिद करने लगती है।
मनोदशा कुछ ऐसी है, जैसे मां के साथ हुई दरिंदगी की वह मासूम गवाह है और उसकी दहशत दिल-दिमाग पर छायी हुई है। अब उसकी असलियत तक पहुंचने के लिए मनोविज्ञानी काउंसलरों की मदद लेने के प्रयास भी चल रहे हैं।
जिस हाल में बच्ची मिली उससे अंदाजा लगाया गया कि उसे भी मारने की कोशिश हुई होगी और मरा समझकर ही हत्यारा छोड़ गया। बाद में उसके दायें हाथ व पैर में कंपन तो उसे रामघाट रोड के किलकारी किड्स केयर सेंटर में भरती कराया। जहां डॉ. विभव वार्ष्णेय की देखरेख में लगातार इलाज जारी है।
उड़ान सोसाइटी द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन की टीम भी डॉ. ललित उपाध्याय के नेतृत्व में दिन-रात बच्ची की काउंसलिंग व देखरेख में जुटी है। इधर, पुलिस के स्तर से शव की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। रविवार को पोस्टमार्टम करा दिया गया है।