नारियल की सूखी गिरी यानी गोले की कीमतों में इस साल अच्छा-खासा इजाफा हुआ है। इस साल गोले की कीमत दोगुने से अधिक बढ़ी हैं। यही कारण है कि इस साल भाई दूज के दिन सूखे गोले की बिक्री एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई। पिछले साल 130 रुपये किलो बिके गोले के दाम इस साल 400 रुपये किलो रहे।
भाई दूज के मौके पर तिलक करने के बाद बहनें भाइयों को गोला भेंट करती हैं। जो बहनें किसी कारणवश भाइयों का तिलक नहीं कर पातीं, वे गोले पर तिलक करके रख लेती हैं। यही वजह है कि दूज पर गोलों की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है। पिछले साल करीब 320 क्विंटल सूखे गोले की जिले में खपत होने का अनुमान था, जिससे करीब 40 लाख रुपये का कारोबार हुआ।
इस साल महंगाई के चलते इसकी खपत तो घटकर करीब 290 क्विंटल पर पहुंच गई, लेकिन कारोबार का आंकड़ा एक करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। शहर के मेवा बाइट शोरूम के संचालक ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि सूखे गोले की खपत जिले में काफी है। इस साल गोले की कीमतों में इजाफे के बाद भी खपत में कोई बड़ी कमी नहीं आई है। पिछले साल अगर 40 लाख रुपये का कारोबार दूज के दिन हुआ तो इस साल यह कारोबार करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
टूटन के दाम 200 रुपये किलो तक पहुंचे
इस साल गोले के दाम 400 रुपये किलो तक पहुंच गए, जबकि पिछले साल इसके दाम मात्र 130 रुपये किलो थे। इस साल हालात ये रहे कि गोले की टूटन के दाम भी 200 रुपये किलो से कम नहीं थे। यहां अहम बात है कि सूखा गोला चटकते ही इसके दाम कम हो जाते हैं।